विद्या भारती शिक्षा से कर रही चरित्र निर्माण: प्रमोद कुमार राठौर
बारां के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार राठौर ने कहा कि संस्थान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और आधुनिक तकनीक के समन्वय से आत्मनिर्भर पीढ़ी का निर्माण कर रहा है।

विद्या भारती शिक्षण संस्थान बारां के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार राठौर ने कहा कि आज जब संपूर्ण विश्व शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम मान रहा है, तब विद्या भारती शिक्षा को जीवन निर्माण, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन मानकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और आधुनिक तकनीक के समन्वय से संस्थान संस्कारित, सक्षम एवं आत्मनिर्भर पीढ़ी के निर्माण के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है।
प्रमोद कुमार राठौर ने बताया कि वर्ष 1952 से प्रारंभ हुई विद्या भारती की राष्ट्रीय शिक्षा यात्रा आज विश्व के सबसे बड़े गैर सरकारी शिक्षा अभियान के रूप में विकसित हो चुकी है। देशभर में संचालित हजारों विद्यालयों के माध्यम से लाखों भैया-बहिनों को भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों, राष्ट्रभक्ति और उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती का विश्वास है कि शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर निहित दिव्यता के जागरण का सशक्त साधन है। इसी उद्देश्य के अनुरूप ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण किया जाता है, जो ज्ञानवान होने के साथ-साथ संस्कारवान, स्वाभिमानी, अनुशासित, सेवाभावी तथा राष्ट्र के प्रति पूर्णतः समर्पित हों।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा, कौशल विकास, मूल्यपरक शिक्षा तथा समग्र व्यक्तित्व विकास को विशेष महत्व दिया गया है। विद्या भारती इन सभी आयामों पर दशकों से कार्य करती आ रही है। वर्तमान में संस्थान के विद्यालय आधुनिक विज्ञान, डिजिटल तकनीक सहित नवीन विषयों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के साथ जोड़कर नित नूतन एवं चिर पुरातन परंपराओं के समन्वय से भविष्य की पीढ़ी तैयार कर रहे हैं।
प्रमोद कुमार राठौर ने कहा कि विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा, योग, संगीत, संस्कृत, नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण, मातृ-पितृ पूजन, वंदे मातरम् तथा भारत माता के प्रति श्रद्धा जैसे संस्कार विद्यार्थियों के जीवन का अभिन्न अंग बनाए जाते हैं। यही संस्कार उन्हें उत्कृष्ट नागरिक और जिम्मेदार राष्ट्रसेवक बनने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान ऐसी राष्ट्रीय शिक्षा-प्रणाली के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके माध्यम से हिन्दुत्वनिष्ठ एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत, शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक तथा आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण विकसित युवा पीढ़ी का निर्माण हो। ऐसी पीढ़ी जीवन की वर्तमान चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के साथ नगरों, ग्रामों, वनों, गिरिकन्दराओं एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में निवास करने वाले वंचित एवं अभावग्रस्त बंधुओं को सामाजिक कुरीतियों एवं अन्याय से मुक्त कराने में योगदान दे तथा राष्ट्रजीवन को सुसंस्कृत, समरस और सुसम्पन्न बनाते हुए 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना से प्रेरित होकर विश्वकल्याण के लिए समर्पित रहे।
उन्होंने सभी नागरिकों से भारतीय संस्कृति, संस्कारित शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण के इस महायज्ञ में सहभागी बनने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में अपना अमूल्य योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्या भारती का प्रेरक संदेश भी दोहराया गया— "राष्ट्र सेवा हित समर्पित, हम करें सर्वस्व अर्पण। साधना पथ पर चले नित, करें सार्थक सफल जीवन।" इसकी जानकारी विद्या भारती के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने दी।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
