विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत की दो दिवसीय प्रचार विभाग कार्यशाला का आयोजन प्रांतीय प्रशिक्षण केंद्र, विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, गांधीनगर चित्तौड़गढ़ में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला में प्रांत के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, बूंदी, कोटा, बारां एवं झालावाड़ सहित 12 जिलों के प्रचार प्रमुख, संवाददाता एवं सोशल मीडिया प्रमुखों ने सहभागिता करते हुए प्रचार कार्य को अधिक प्रभावी, तकनीक-संपन्न एवं समाजोपयोगी बनाने का संकल्प लिया।

प्रांत संवाददाता कमलेंद्र शर्मा एवं प्रशिक्षण केंद्र प्रमुख महेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि कार्यशाला के प्रथम सत्र में सभी जिलों द्वारा वर्षभर में किए गए नवाचार, सेवा कार्य, शैक्षिक उपलब्धियों एवं संगठनात्मक गतिविधियों का पीपीटी के माध्यम से प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया गया। द्वितीय सत्र में तकनीक प्रमुख नरेंद्र चष्टा ने सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, डिजिटल कंटेंट निर्माण, फोटोग्राफी, वीडियो निर्माण, पोस्ट डिज़ाइन, आईसीटी आधारित प्रचार तकनीक तथा आधुनिक संचार माध्यमों के उपयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।

कार्यशाला के दौरान प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. विमल कुमार जैन ने गत सत्र की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए आगामी सत्र की कार्ययोजना एवं लक्ष्य निर्धारित करवाए। उन्होंने प्रचार विभाग को संगठन की जनसंपर्क शक्ति बताते हुए कहा कि प्रत्येक जिले को नियमित समाचार प्रेषण, सोशल मीडिया की सक्रियता, नवाचारों के दस्तावेजीकरण तथा आईसीटी सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग पर विशेष बल देना चाहिए। उन्होंने कोडिंग ग्रुप सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी संचालन की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी।

समापन सत्र में राजस्थान क्षेत्र के प्रचार प्रमुख नवीन कुमार झा ने अपने उद्बोधन में कहा, “प्रचार का उद्देश्य व्यक्ति विशेष का महिमामंडन नहीं, बल्कि राष्ट्रहितकारी विचारों, संस्कारों एवं संगठन के सेवा कार्यों को समाज तक पहुँचाना है। हमें स्वयं का नहीं, विचार का प्रचार करना है।” उन्होंने कहा कि सूचना के तीव्र प्रवाह के वर्तमान दौर में सत्य, सकारात्मकता एवं संस्कारित संवाद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यदि समाज के समक्ष राष्ट्रहित, शिक्षा, सेवा एवं संस्कार से जुड़े सकारात्मक कार्य प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए जाएँ तो जनमानस में विश्वास, प्रेरणा एवं सहभागिता स्वतः बढ़ती है। उन्होंने कहा कि प्रचार विभाग केवल समाचार भेजने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संगठन के बीच विश्वास का सशक्त सेतु है।

नवीन कुमार झा ने 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगाँठ का उल्लेख करते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक शक्ति है। उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर वंदना ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान असंख्य युवाओं और क्रांतिकारियों में मातृभूमि के प्रति समर्पण और बलिदान की भावना जागृत की। उन्होंने सभी जिलों से आग्रह किया कि इस ऐतिहासिक अवसर को जन-जागरण का अभियान बनाते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक वंदे मातरम् के गौरव, इतिहास और राष्ट्रीय संदेश को पहुँचाया जाए।

आभार प्रदर्शन एवं शांति मंत्र के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। इसकी जानकारी विद्या भारती के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने दी।

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