बारां। विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत की योजना अनुसार जिला स्तरीय चिंतन बैठक का आयोजन रविवार को नैनवां मार्ग स्थित आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर गहन मंथन किया गया। जिला सचिव उदय प्रकाश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में जिले के 13 विद्यालयों के प्रबंध समिति अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सक्रिय सदस्य, जिला समिति पदाधिकारी एवं प्रधानाचार्य सहित कुल 55 महानुभावों की सहभागिता रही।

विद्यालयों का प्रगति प्रतिवेदन एवं आगामी योजनाएं

राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अपने-अपने विद्यालय की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति, उपलब्धियों तथा आगामी तीन वर्षों की विकास योजनाओं का क्रमवार प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में प्रभावी वंदना, पर्याप्त भौतिक संसाधनों की उपलब्धता, अभिभावक संपर्क सुदृढ़ करने, पूर्व छात्रों से नियमित संवाद बनाए रखने तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए समाज के विद्वतजनों के सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और जीवन मूल्यों पर मार्गदर्शन

द्वितीय सत्र में प्रांतीय मंत्री सुरेंद्र कुमार अरोड़ा ने शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन पर विशेष मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि "वैश्विक चुनौतियों के बीच जीवन मूल्य पर आधारित शिक्षा ही भविष्य का मार्ग है।" अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर शिक्षण तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को प्रभावी रूप से लागू करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन हेतु बालक-केंद्रित शिक्षा, ‘भारत बोध’ तथा सभी विषयों के समन्वित अध्ययन पर बल दिया।

संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण एवं सामाजिक सरोकार

प्रांतीय मंत्री ने शिशु वाटिका को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाने, विद्या भारती के चारों आयाम शोध, पूर्व छात्र, संस्कृति बोध परियोजना एवं संस्कार केंद्र का समान रूप से उपयोग करने तथा समाज के वंचित वर्गों के लिए संस्कार केंद्रों के प्रभावी संचालन की आवश्यकता बताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि "संस्कारयुक्त शिक्षा ही राष्ट्र को श्रेष्ठ एवं चरित्रवान नागरिक प्रदान कर सकती है।" बैठक के दौरान जिला अध्यक्ष महेंद्र कुमार शर्मा एवं जिला मंत्री सत्यनारायण गोस्वामी ने भी अपने विचार रखे। अंत में उपाध्यक्ष श्रीमती इंदिरा शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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