विद्या भारती प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग का कोटा में भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न
राजस्थान क्षेत्र के 87 प्रधानाचार्यों ने 11 दिवसीय आवासीय वर्ग में लिया प्रशिक्षण, संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने राष्ट्र निर्माण में गुरु की भूमिका पर दिया बल।

कोटा के श्रीरामशान्ताय ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान वंदना करते प्रशिक्षु प्रधानाचार्य और गणमान्य अतिथि।
राजेंद्र शर्मा
बारां। विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन, महावीर नगर तृतीय, कोटा में आयोजित 11 दिवसीय पूर्ण आवासीय क्षेत्र प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग का भव्य दीक्षांत समारोह बुधवार को श्रीरामशान्ताय ऑडिटोरियम में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस समारोह ने शिक्षा और संस्कारों के समन्वय की एक नई मिसाल पेश की, जिसमें वक्ताओं ने प्रधानाचार्य की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया।
प्रशिक्षु प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग के सह प्रबंध प्रमुख डॉ. महेश शर्मा ने कार्यक्रम के विवरण साझा करते हुए बताया कि यह समारोह विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री गोविंद कुमार के पावन सानिध्य में आयोजित हुआ, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती राजस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. भरतराम कुम्हार ने की। समारोह का औपचारिक शुभारंभ देवचित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ किया गया। अतिथियों के स्वागत और परिचय के पश्चात संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने 'हमारी शैक्षिक दृष्टि' विषय पर सारगर्भित विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्या भारती की दृष्टि में शिक्षा केवल रोजगार प्राप्ति का माध्यम मात्र नहीं है, अपितु यह छात्र के समग्र विकास का सशक्त साधन है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि विद्या भारती के आचार्य एवं प्रधानाचार्य केवल विषय अध्यापन तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और राष्ट्रभाव के निर्माण की चिंता करते हैं। कुमार ने कहा कि छात्र अपने गुरुओं के शब्दों से अधिक उनके जीवन और आचरण से सीखते हैं, इसलिए प्रधानाचार्य का व्यक्तित्व एवं कृतित्व ही विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी पाठ्यपुस्तक होता है। उन्होंने वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे पूर्व छात्रों के उदाहरण देते हुए प्रशिक्षणार्थी प्रधानाचार्यों का आह्वान किया कि वे विद्यालयों में भारतीय जीवन मूल्यों, अनुशासन और आत्मीय शिक्षण वातावरण का सृजन करें ताकि राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार हो सकें।
दीक्षांत समारोह के दौरान वर्ग प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार झा ने जानकारी दी कि इस 11 दिवसीय गहन प्रशिक्षण वर्ग में कुल 87 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। वर्ग के विभिन्न बौद्धिक सत्रों में क्षेत्र प्रचारक निंबाराम, अखिल भारतीय मंत्री शिवप्रसाद, अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्रीराम आरावकर, डॉ. सुरेंद्र अरोड़ा, गंगा विष्णु, रवि कुमार, मुरलीधर, अरुण कुमार दुबे, मानेग पटेल, राम मनोहर शर्मा एवं भगवतदान सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों का प्रेरक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण के दौरान आपदा प्रबंधन, अभिभावक संपर्क, सर्वेक्षण, अनुभव कथन, प्रतिभा प्रकटीकरण, सामाजिक सुरक्षा एवं जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक कौशल प्रदान किया गया। इस अवसर पर विद्या भारती के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा, सतीश गौतम, राजूराम, मांगीलाल एवं दिनेश कुमार सहित कई गणमान्य प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के सामूहिक गान के साथ हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति का संचार किया। यह दीक्षांत समारोह न केवल प्रशिक्षण का अंत था, बल्कि विद्यालयों में गुणात्मक सुधार और वैचारिक स्पष्टता के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
