बारां/यज्ञपुर। विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के तत्वावधान में यज्ञापुर में आयोजित तीन दिवसीय प्रांत प्रवासी कार्यकर्ता बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में शैक्षिक उन्नयन, सामाजिक समरसता, संस्कार आधारित शिक्षा और संगठन की भावी कार्ययोजना जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एवं नीतिगत विषयों पर गहन चिंतन-मंथन किया गया। कार्यक्रम में विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री गोविंद कुमार, प्रांत सचिव मानेंग पटेल एवं प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार झा का गरिमामयी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्र संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे उच्च संस्कारों और राष्ट्र निर्माण की मूल भावना से जोड़ना समय की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करने का सशक्त आह्वान किया। संगठन की भावी दिशा तय करते हुए प्रांत सचिव मानेंग पटेल ने विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की और आगामी सत्र की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने विशेष रूप से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, नवीन प्रवेशों में वृद्धि लाने तथा अभिभावकों के साथ एक जीवंत और सुदृढ़ संवाद तंत्र स्थापित करने पर बल दिया।

प्रशासनिक एवं संगठनात्मक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार झा ने विद्यालयों के नियमित संचालन, अनुशासन, और शैक्षिक गुणवत्ता के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने आह्वान किया कि समस्त आचार्य एवं कार्यकर्ता अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूर्ण समर्पण भाव से करें, ताकि संगठन निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे। तीन दिवसीय इस मंथन शिविर के दौरान विभिन्न सत्रों में शैक्षिक सुधार, समाज सहभागिता, संस्कार केंद्रों का विस्तार और प्रशिक्षण वर्गों के आयोजन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह बैठक न केवल संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से मील का पत्थर साबित हुई, बल्कि इसने भविष्य की शिक्षा पद्धति को संस्कार और सेवा से जोड़ने का एक ठोस संकल्प भी प्रस्तुत किया।

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