विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को कोटा रोड स्थित सांसद कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से बैठक आयोजित कर काला दिवस मनाया गया। बैठक की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने की, जबकि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी अल्का मुंदड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। बैठक के दौरान विधायक राधेश्याम बैरवा, पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद गर्ग, हर घर तिरंगा अभियान के जिला संयोजक एवं जिला महामंत्री राकेश जैन सहित अन्य पदाधिकारी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष राजेश हाडा उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी अल्का मुंदड़ा ने विभाजन विभीषिका पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में भारतीयों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। उन्होंने कहा कि आजादी के साथ ही राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते अखंड भारत को टुकड़ों में बांटने का निर्णय लिया गया, जिसने देशवासियों के हृदय पर गहरा आघात छोड़ा। विभाजन के कारण करीब डेढ़ करोड़ लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा।

उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी कितनी भयावह थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक परिवार के 35 सदस्यों में से केवल चार लोग ही सुरक्षित यहां पहुंच पाए। उन्होंने तत्कालीन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विस्थापित हिंदुओं की पीड़ा पर पर्याप्त ध्यान देने के बजाय पाकिस्तान को त्रिपाल अथवा राहत सामग्री के लिए धन भेजे जाने की घटनाएं भी सामने आईं।

अल्का मुंदड़ा ने कहा कि नई पीढ़ी को इतिहास की सच्चाई बताना जरूरी है। उन्होंने दिल्ली में हुए आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी के कई बच्चों को यह जानकारी नहीं है कि देश को आजादी किन परिस्थितियों में मिली और भारत के विभाजन के दौरान लोगों ने किस प्रकार की पीड़ा झेली।

उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी को देश के निर्माण और पूर्वजों के संघर्ष का इतिहास सही रूप से बताया जाए तो वह सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में कभी नहीं सोचेगी।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अल्का मुंदड़ा ने आगामी कार्यक्रमों एवं चुनावों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा पार्टी की रीति-नीति के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने उपस्थित पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं चुनावों की तैयारियों में पूरी सक्रियता के साथ जुटने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विभाजन की त्रासदी को स्मरण करते हुए इतिहास से सीख लेने, नई पीढ़ी तक इसके वास्तविक पक्ष को पहुंचाने तथा राष्ट्रहित में सक्रिय रूप से कार्य करने का संदेश दिया गया।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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