आशा सहयोगिनियों की उपेक्षा

आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष इन्द्रा कुमारी सुमन ने कहा कि निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट में लगभग तीन दशकों से कार्यरत आशा सहयोगिनियों को नजर अंदाज किया गया है।

प्रमुख मांगें और निराशा

  • कोरोना योद्धा मातृशक्ति आशा सहयोगिनियों को हर वर्ष मासिक मानदेय प्रारंभ करने की आस थी।
  • प्रोत्साहन राशि तीन गुणा बढ़ने की इस बजट में उम्मीद थी।

"लेकिन इस बार भी केंद्रीय बजट में आशा सहयोगिनियों को निराशा हाथ लगी।" — सुमन

केंद्रीय बजट से आशा सहयोगिनियों को मिली निराशा:- सुमन

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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