यूजीसी के खिलाफ बारां में वैश्य महासम्मेलन की वाहन रैली 8 फरवरी को
स्वर्ण सेना व समता आंदोलन के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन ने यूजीसी बिल को छात्र हितों के खिलाफ बताकर सहयोग की अपील की।

बारां के श्री राम स्टेडियम में यूजीसी के खिलाफ प्रस्तावित वाहन रैली की तैयारियों को लेकर वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारियों ने समर्थन की घोषणा की।
बारां। यूजीसी के खिलाफ देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में स्वर्ण सेना व समता आंदोलन द्वारा आयोजित रविवार 8 फरवरी को विशाल दुपहिया वाहन रैली को अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन ने भी अपना नैतिक समर्थन दिया है।
वैश्य महासम्मेलन के प्रमुख पदाधिकारियों की अपील
अंतराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारियों ने शेयरचैट जिले के सभी वैश्य बंधु, युवा छात्र और महिलाओ को अपने दो पहिया वाहन के साथ रैली में सहयोग देने की अपील की है। समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- जिलाध्यक्ष कमलेश कुमार विजय, महामंत्री सुरेश गोयल
- प्रदेश उपाध्यक्ष ललित मोहन खंडेलवाल व यशभानु कुमार जैन
- युवा अध्यक्ष भानु कुमार पोरवाल, महामंत्री आनंद बंसल
- महिला अध्यक्ष नीतू गुप्ता, महामंत्री शिल्पा ठाकुरिया
- अग्रवाल, खंडेलवाल, विजयवर्गीय, पोरवाल, ओसवाल, चित्तौड़ा, महेश्वरी, दिगंबर व श्वेतांबर जैन वैश्य समाज के सभी प्रमुख पदाधिकारी
रैली का विवरण और विरोध का कारण
8 फरवरी को शहर के श्री राम स्टेडियम से यह विशाल वाहन रैली निकाली जाएगी। यूजीसी काला कानून के खिलाफ आयोजित इस रैली में वैश्य समाज के बंधु, युवा, छात्र-छात्राएं और महिलाएं बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
वैश्य पदाधिकारियों का तीखा वक्तव्य
वैश्य पदाधिकारियों ने सरकारों की नीतियों और सामान्य वर्ग की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
"लगातार सवर्ण समाज के साथ सभी सरकारों में सौतेला व्यवहार किया है। वर्तमान बजट में सामान्य वर्ग के हित में कोई राशि जारी नहीं की गई। 70 साल का आरक्षण का अभिशाप भोग रहे सामान्य वर्ग के युवा बेरोजगारी के कगार पर मजदूरी करने को मजबूर है। अच्छी शिक्षा के बावजूद भी सरकारी नौकरियों से वंचित है। सब कुछ बर्दाश्त करते हुए भी केंद्र सरकार द्वारा जो यूजीसी बिल लाया गया है, वह छात्रों के हितों के खिलाफ है। अगर इतने देश के बाद भी देश में जातिवाद समाप्त नहीं होता है तो इसके लिए सामान्य वर्ग कहीं दोषी नहीं है।"

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
