यूजीसी कानून के विरोध में बारां में सर्व स्वर्ण समाज का उग्र प्रदर्शन
बारां में सर्व स्वर्ण समाज ने यूजीसी कानून 2026 को काला कानून बताते हुए मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

बारां मिनी सचिवालय पर गुरुवार को यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन करते सर्व स्वर्ण समाज के नागरिक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि।
बारां। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी कानून के विरोध में अब देशभर में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलेभर के सर्व स्वर्ण समाज ने एकजुट होकर मिनी सचिवालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया तथा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
कलेक्टर परिसर में भारी विरोध और नारेबाजी
- सामान्य वर्ग के गणमान्य नागरिक, व्यापारी, सामाजिक व व्यावसायिक संगठनों से जुड़े सैकड़ो की संख्या में लोग प्रातः 11 बजे जिला कलेक्टर परिसर में एकत्रित हुए।
- उपस्थित जनसमूह ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यूजीसी कानून सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेलने वाला काला कानून है, जिसके अंतर्गत एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के छात्रों को सामान्य वर्ग के विरुद्ध अनुचित अधिकार दिए गए हैं।
- वक्ताओं के अनुसार, इस कानून के तहत झूठी शिकायतों पर भी सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है, जबकि झूठी शिकायत करने वालों पर कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं रखा गया है। इससे समाज में वैमनस्यता बढ़ेगी।
गगनभेदी नारों के साथ कलेक्टर गेट पर रैली
सैकड़ों की संख्या में लोग रैली के रूप में कलेक्टर गेट पहुंचे और तीखे नारे लगाए। जिला कलेक्टर बाउंड्री गेट पर एकत्र होकर सर्व स्वर्ण समाज के लोगों ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान निम्नलिखित नारे लगाए गए:
- "काला कानून वापस लो"
- "सर्व स्वर्ण एकता जिंदाबाद"
- "तख्त बदल दो, ताज बदल दो, बदमाशों का राज बदल दो"
भाजपा सरकार की नीतियों पर प्रहार
प्रदर्शन के दौरान वैश्य समाज के प्रमुख नेता ललित मोहन खंडेलवाल ने कहा:
"भारतीय जनता पार्टी की सरकार हमेशा से ही स्वर्ण समाज के खिलाफ नीतियां लाती रही है। भाजपा को स्वर्ण वर्ग की पार्टी कहा जाता है, लेकिन हर बार स्वर्ण समाज को ही बलि का बकरा बनाया गया है।"
छात्रों के भविष्य पर गहरा संकट
ब्राह्मण समाज के नीरज शर्मा ने अपने संबोधन में कहा:
"यह कानून सामान्य वर्ग के छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करेगा। झूठे मामलों के डर से छात्र या तो शिक्षा छोड़ने को मजबूर होंगे या आत्मघाती कदम उठाने की स्थिति में पहुंच जाएंगे। शैक्षणिक संस्थान समाज को जोड़ने का माध्यम होते हैं, न कि विभाजन का।"
कानून की प्रति का वाचन और आगामी चेतावनी
हरि बल्लभ शर्मा ने काले कानून के प्रावधानों की प्रति पढ़कर सुनाई और सभी समाज बंधुओं से संघर्ष के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन आक्रोश साफ नजर आया। सर्व स्वर्ण समाज ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी काला कानून 2026 वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व
प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में लोग और महिलाएं उपस्थित रहीं, जिनमें मुख्य नाम निम्नलिखित हैं:
- राष्ट्रीय करणी सेना: जिला अध्यक्ष खेमराज सिंह, कुंदन हाडा, हरिराम सिंह, देवेंद्र सिंह राजावत, अनुराग सिंह राजावत।
- वैश्य समाज: ललित मोहन खंडेलवाल, देवकी नंदन बंसल, विमल बंसल, सुरेश गोयल, भानु पोरवाल, पियूष गर्ग, कमलेश विजय, हितेश गुप्ता।
- ब्राह्मण समाज: नीरज शर्मा, हरिओम प्रधान, कपिल शर्मा, ललित शर्मा, हरीश शर्मा, महेंद्र शर्मा कस्तूरी, सिद्धार्थ शर्मा, अंकुर सनाढ्य, प्रशांत भारद्वाज, एड. सचिन सनाढ़ंय, भगवान शर्मा, कैलाश शर्मा, अमन भारद्वाज व दीपांशु।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
