बारां।

शहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं और उनके खुलासे में नाकामी को लेकर बारां के व्यापारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। पुलिस-प्रशासन की कथित उदासीनता और नगर परिषद की कार्यप्रणाली से नाराज व्यापारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। व्यापार महासंघ का कहना है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और व्यापारी वर्ग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा ने बताया कि बीते लंबे समय से शहर में दुकानों के ताले टूटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कोतवाली थाने में कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आज तक किसी भी चोरी का प्रभावी खुलासा नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि कुछ माह पूर्व मात्र एक महीने में लगभग 20 दुकानों में चोरी की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस प्रशासन आज तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाया।

रविवार रात को अंबेडकर सर्किल, जो शहर का सबसे व्यस्त बाजार माना जाता है, वहां एक ही दुकान में तीसरी बार चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए। चोरों ने टिन शेड काटकर गल्ले से लगभग 15 हजार रुपये चोरी कर लिए। व्यापारियों का कहना है कि चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और उन्हें पकड़े जाने का कोई भय नहीं है।

केवल दुकानों तक ही नहीं, बल्कि आवासीय क्षेत्रों में भी चोरी की बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कोटा रोड स्थित न्यू सिविल लाइंस की रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी में दूरसंचार विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी आनंदीलाल शर्मा के घर से करीब तीन माह पूर्व लगभग 40 लाख रुपये नकद और सोना-चांदी के आभूषण चोरी हो गए थे। पीड़ित द्वारा कोतवाली थाना से लेकर पुलिस अधीक्षक तक ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक मामले का खुलासा नहीं हो पाया है।

व्यापारियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि परिषद द्वारा पॉलिथीन के नाम पर समय-समय पर छापेमारी की जाती है, लेकिन यह अभियान निरंतर नहीं होते। दो दिन अभियान चलाकर कुछ दुकानों पर कार्रवाई कर दी जाती है और फिर अभियान बंद हो जाता है, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही नगर परिषद के कारिंदों द्वारा अतिक्रमण के नाम पर 50 वर्ष पुराने पट्टे और रजिस्ट्रियां दिखाने का दबाव बनाकर व्यापारियों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए।

शहर में चल रहे विकास कार्यों की धीमी गति भी व्यापारियों की चिंता का विषय बनी हुई है। शाहबाद रोड और अंबेडकर सर्किल क्षेत्र में डेढ़ साल से सड़कें खुली होने के कारण एक ओर व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है, वहीं दूसरी ओर यातायात जाम से बाजार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि समय-समय पर अवगत कराने के बावजूद कार्यों को समय पर पूरा नहीं किया जा रहा, जिससे व्यापारिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है।

व्यापार महासंघ से जुड़े कई पदाधिकारियों और व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन और नगर परिषद ने शीघ्र अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, चोरी की घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ और विकास कार्यों को समय पर पूरा नहीं किया गया, तो व्यापारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारियों के धैर्य की परीक्षा लेना अब बंद किया जाए, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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