बारां | नए वर्ष 2026 के आगमन के साथ ही देश में एक बार फिर संवाद और संकल्प की नई लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुचर्चित और लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें संस्करण का प्रसारण जब हुआ, तो उसका सीधा प्रभाव राजस्थान के बारां जिले में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला। जिले के कौने-कौने में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और आमजन ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री के विचारों को सुना। यह केवल एक रेडियो प्रसारण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति एक सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन था, जहाँ बारां के सभी बीस मंडलों के प्रत्येक बूथ पर रेडियो की गूंज सुनाई दी।

बारां शहर में उत्साह का वातावरण देखते ही बन रहा था। यहाँ कार्यालय मंत्री धीरेंद्र नागर के निजी आवास पर एक विशेष सामूहिक श्रवण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो संगठन की एकजुटता का परिचायक बना। इस दौरान पूर्व विधायक हेमराज मीणा, जिला महामंत्री राकेश जैन, महावीर सिंह हाड़ा, जिला उपाध्यक्ष निर्मल माथोडिया और बारां व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश बाटा सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति रही। मुकेश केरवलिया, मुकेश कुमरा, भगवती बैरवा और विजयेंद्र नागर जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन के हर एक शब्द को गंभीरता से आत्मसात किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक पटल पर भारत की बदलती छवि को रेखांकित करते हुए कहा कि आज संपूर्ण विश्व की दृष्टि भारत की तीव्र गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था पर टिकी है। उन्होंने देशवासियों को "नया जोश, नई ऊर्जा और नया अपनापन" के मंत्र के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया, जिसने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में नई चेतना का संचार कर दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब समय केवल उत्पादन बढ़ाने का नहीं, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बनाने का है, ताकि 'मेड इन इंडिया' की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने जन-भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के अद्भुत उदाहरण पेश किए, जो समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी की जन-सहयोग से सफाई और नदी किनारे किए गए वृक्षारोपण की प्रशंसा की। वहीं, जल संकट से जूझ रहे अनंतपुर और पश्चिम बंगाल के कूचबिहार निवासी बेनोई दास द्वारा हजारों पेड़ लगाए जाने के प्रयासों को देश के सामने एक नजीर के रूप में रखा। प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत देशवासियों ने 200 करोड़ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है।

सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सरोकारों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने आधुनिक मंचों पर भजन संध्याओं में युवाओं की बढ़ती रुचि को भारतीय संस्कृति के विस्तार का संकेत बताया। उन्होंने मलेशिया में बसे भारतवंशियों द्वारा तमिल और तेलुगु भाषा के संरक्षण और अनंतनाग में नशा मुक्ति के लिए सामाजिक संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। साथ ही, महिला किसानों द्वारा संचालित श्री अन्न (मिलेट्स) प्रोसेसिंग यूनिट का जिक्र करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के समापन पर बारां के भाजपा पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि ‘मन की बात’ केवल संवाद नहीं, बल्कि यह समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने वाला एक सशक्त आंदोलन है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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