अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर दिल्ली में आयोजित ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली में राजस्थान के बारां जिले से एक सशक्त और प्रतीकात्मक उपस्थिति दर्ज हुई। अटरू कस्बे से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद सिंह अटलपुरी ने अपने क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के साथ विशेष रूप से तैयार किए गए रथ के माध्यम से इस महारैली में भाग लेकर सबका ध्यान आकर्षित किया।

कड़कड़ाती सर्दी के बीच प्रातः 11 बजे से लेकर महारैली के समापन तक गोविंद सिंह अटलपुरी ने एक अनोखे और संवेदनशील प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए देश के शोषित, वंचित, पीड़ित, दलित और आदिवासी समाज के ऐतिहासिक संघर्ष को सामने रखा। उन्होंने नंगे बदन, कमर के नीचे टाट लपेटे, नंगे पांव, गले में हांडी और हाथों में लाठी तथा “वोट चोर गद्दी छोड़” और “अपने अतीत को याद करो” जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया, जिसने रैली में मौजूद लोगों और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

महारैली के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय समाचार चैनलों के संवाददाताओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में गोविंद सिंह अटलपुरी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और देश के पूर्वजों के बलिदान से भारत स्वतंत्र हुआ और डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान लागू होने के बाद वंचित वर्गों को अधिकार और सम्मान मिला। उन्होंने बताया कि संविधान के तहत मिले आरक्षण से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को सरकारी नौकरियां मिलीं और शिक्षा के माध्यम से वे मुख्यधारा में शामिल होकर प्रशासनिक व तकनीकी पदों तक पहुंचे।

अटलपुरी ने आरोप लगाया कि वर्तमान दौर में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर संविधान और लोकतंत्र की मूल भावना को चोट पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वोट की पवित्रता से समझौता होने पर न केवल नागरिक अधिकारों का हनन होता है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी संदेश के साथ उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जोड़ा।

रामलीला मैदान जाते समय गोविंद सिंह अटलपुरी की लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात हुई। राहुल गांधी के स्नेही और आत्मीय व्यवहार से अटलपुरी विशेष रूप से अभिभूत नजर आए। दिल्ली की इस महारैली में अटलपुरी की प्रतीकात्मक भागीदारी ने राजनीतिक संदेश के साथ सामाजिक चेतना को भी नई धार दी, जो लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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