बारां। राजस्थान के बारां जिले में महिला सशक्तिकरण के इतिहास का एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। जिला प्रशासन की एक अनूठी और दूरगामी सोच के साथ 'अमृत महोत्सव 2026' का भव्य आगाज होने जा रहा है, जो न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि उनकी सुप्त प्रतिभाओं को एक वैश्विक मंच भी प्रदान करेगा। नारी शक्ति के इस महाकुंभ का विधिवत शुभारंभ आगामी 21 जनवरी को राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग, डॉ. मंजू बाघमार द्वारा मंडी प्रांगण में किया जाएगा। यह महोत्सव जिले की आधी आबादी के सामाजिक और आर्थिक कायाकल्प की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के कुशल मार्गदर्शन में तैयार की गई है। महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवरलाल जनागल ने की। बैठक के दौरान जनागल ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का एक मिशन है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश देते हुए आपसी समन्वय और अटूट सहयोग पर बल दिया, ताकि इस आयोजन की सफलता जिले के कोने-कोने तक अपनी छाप छोड़ सके।

अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवरलाल जनागल के अनुसार, 21 जनवरी से शुरू होकर 10 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इस 80 दिवसीय उत्सव में गतिविधियों का एक विशाल ताना-बाना बुना गया है। इसमें लोक नृत्य की थिरकन, लोक गायन की गूँज, आधुनिक फैशन शो का ग्लैमर और कवि सम्मेलन की बौद्धिक गहराई का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विशेष रूप से आयोजित होने वाला 'राजसखी एवं अमृत महोत्सव मेला' महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए वरदान साबित होगा, जहाँ उनके द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों को न केवल प्रदर्शित किया जाएगा, बल्कि उनके विपणन के लिए एक व्यापक बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा।

महोत्सव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू फरवरी माह में आयोजित होने वाले महिला उद्यमशीलता शिविर होंगे। जिला बैंक और लीड बैंक मैनेजर के सहयोग से लगने वाले इन शिविरों में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से मौके पर ही ऋण वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाएगा। यह पहल सीधे तौर पर महिलाओं को उद्यमी बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की नींव रखने का काम करेगी। राष्ट्रीय बालिका दिवस और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर भी इसी महोत्सव की कड़ियों के रूप में मनाए जाएंगे, जो समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करेंगे।

इस आयोजन की भव्यता का समापन 10 अप्रैल 2026 को 'बारां स्थापना दिवस' के गौरवमयी अवसर पर होगा। यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का माध्यम बनेगा, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता के धागों को भी और अधिक मजबूत करेगा। बारां जिला प्रशासन की यह अभिनव पहल आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जहाँ हर महिला अपनी पहचान और अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएगी।

Pratahkal Bureau

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