बारां। राज्य सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, बारां में आयोजित जिला विकास प्रदर्शनी केवल उपलब्धियों का मंच नहीं बनी, बल्कि सामाजिक बदलाव के एक सशक्त संकल्प का प्रतीक भी बनकर उभरी। इसी अवसर पर जिला विकास पुस्तिका का विधिवत विमोचन किया गया, जिसका उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकासात्मक कार्यों और उपलब्धियों को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान महिला अधिकारिता विभाग, बारां द्वारा ‘सशक्त बारां, सशक्त बालिका – सुरक्षित बचपन, शिक्षित पहचान’ स्लोगन पर आधारित ‘बाल विवाह मुक्त पंचायत’ अभियान के विशेष पोस्टर का विमोचन किया गया। इस पोस्टर का संयुक्त रूप से विमोचन विधायक डॉ. ललित मीणा, जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवर लाल जनागल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजवीर सिंह चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी, समाजसेवी नरेश सिकरवाल तथा महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राकेश वर्मा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. ललित मीणा ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण से ही एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सामाजिक संगठनों से इस दिशा में समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राकेश वर्मा ने जानकारी दी कि जिले में ‘बाल विवाह मुक्त पंचायत’ अभियान की शुरुआत 13 दिसंबर से की जा चुकी है। अभियान के अंतर्गत जिले की ग्राम पंचायतों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आमजन के सहयोग से बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

सहायक निदेशक ने अभियान को सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए पंचायत स्तर पर सतत निगरानी, संवाद और जागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत पोस्टर, रैलियां, जागरूकता शिविर, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बालिकाओं के अधिकारों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित हो सके।

जिला विकास प्रदर्शनी के मंच से शुरू हुई यह पहल न केवल सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ सामूहिक चेतना को भी मजबूती प्रदान करती है। ‘बाल विवाह मुक्त पंचायत’ अभियान के माध्यम से बारां जिले में सुरक्षित बचपन और शिक्षित भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम बढ़ाया गया है, जो आने वाले समय में सामाजिक बदलाव की मजबूत आधारशिला साबित हो सकता है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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