बारां। समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने की दिशा में बारां जिले ने एक निर्णायक और सशक्त कदम उठाया है। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग, बारां के संयुक्त तत्वावधान में ‘बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत’ कार्यक्रम और 100 दिवसीय व्यापक जनजागरूकता अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला प्रभारी मंत्री एवं राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने किया।

कार्यक्रम में विधायक डॉ. ललित मीणा, विधायक राधेश्याम बैरवा, जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु, अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवर लाल जनागल सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, महिला शक्ति और बड़ी संख्या में आमजन की सहभागिता रही। आयोजन स्थल पर जनसहभागिता और सामाजिक चेतना का उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने बाल विवाह उन्मूलन पर आधारित नुक्कड़ नाटक का अवलोकन किया और समाज को इस सामाजिक बुराई से मुक्त करने का सशक्त संदेश दिया। इसके पश्चात उन्होंने ‘बाल विवाह मुक्त भारत/ग्राम पंचायत जागरूकता रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिलेभर में जागरूकता का संदेश पहुंचाएगा।

जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के निर्देशन में प्रारंभ किए गए 100 दिवसीय जनजागरूकता अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों, ग्राम सभाओं, नगर पालिकाओं एवं नगरीय निकायों में विविध जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजनान्तर्गत राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में 27 नवम्बर से 8 मार्च 2026 तक ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार बारां जिला बाल विवाह की दृष्टि से उच्च जोखिम श्रेणी में आता है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग ने जिले को बाल विवाह से मुक्त बनाने का संकल्प लेकर यह व्यापक अभियान शुरू किया है।

कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद के माध्यम से आमजन को स्पष्ट रूप से बताया गया कि बालिकाओं की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और बालकों की 21 वर्ष निर्धारित है तथा इससे पूर्व विवाह कराना कानूनन अपराध है। वक्ताओं ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।

अंत में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने समाज से आह्वान किया कि बाल विवाह उन्मूलन को केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि जनआंदोलन के रूप में अपनाया जाए। ‘बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत’ के लक्ष्य को साकार करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने जिले में सामाजिक परिवर्तन की एक नई उम्मीद जगाई।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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