बारां में आवारा कुत्तों का खूनी आतंक: मासूम बछड़े को उतारा मौत के घाट, दहशत में कॉलोनीवासी
बारां के हाउसिंग बोर्ड में आवारा कुत्तों ने एक बछड़े को घेरकर मार डाला, जिससे शहर में सनसनी फैल गई है। हिंदू जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश खुराना ने नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर हिंसक कुत्तों को पकड़ने और सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन करने की मांग की। बच्चों और मवेशियों पर बढ़ते हमलों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बारां। राजस्थान के बारां शहर में आवारा कुत्तों का आतंक अब जानलेवा साबित होने लगा है। शहर की शांत गलियों में घूमते हिंसक कुत्तों के झुंड न केवल राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं, बल्कि बेजुबान मवेशियों को भी अपना निवाला बना रहे हैं। ताजा मामला कोटा रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय के पीछे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का है, जहां आवारा कुत्तों ने एक मासूम बछड़े को घेरकर उस पर प्राणघातक हमला कर दिया। इस हृदयविदारक घटना में बछड़े की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरी कॉलोनी में भारी आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है।
इस घटना के बाद हिंदू जागरण मंच ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश खुराना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद आयुक्त और सफाई निरीक्षक नरसी स्वामी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। खुराना ने स्पष्ट किया कि 21 जनवरी को हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि ये कुत्ते न केवल मवेशियों और बकरियों के बच्चों को शिकार बना रहे हैं, बल्कि सड़कों पर खेलने वाले मासूम बच्चों पर भी कई बार हमला कर चुके हैं। जब स्थानीय लोग मवेशियों को बचाने का प्रयास करते हैं, तो ये हिंसक कुत्ते इंसानों पर भी झपटने से पीछे नहीं हटते।
प्रशासनिक लापरवाही पर प्रहार करते हुए महेश खुराना ने उच्चतम न्यायालय के उन स्पष्ट निर्देशों का हवाला दिया, जिसमें नगर पालिकाओं और नगर परिषदों को पाबंद किया गया है कि वे स्कूल, अस्पताल और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से आवारा कुत्तों और मवेशियों को हटाएं। नियमों के अनुसार, इन जानवरों की नसबंदी कर उन्हें शेल्टर होम भेजा जाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि माननीय न्यायालय ने कुत्तों के काटने से होने वाली मौतों या गंभीर चोटों के लिए राज्य सरकार और डॉग फीडर्स को भी जवाबदेह माना है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान निर्मल सिंह, रामकरण बैरवा, सुरेश जागा और अन्य पीड़ित कॉलोनीवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की है कि नगर परिषद तत्काल प्रभाव से मृत मवेशी को वहां से हटाए और इन हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए। यह मामला केवल एक पशु की मौत का नहीं है, बल्कि बारां की जनता की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन गया है। अब देखना यह होगा कि नगर परिषद प्रशासन इस खूनी आतंक से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
