बारां। ऋतुराज बसंत के आगमन के साथ ही फिजां में घुली मादकता और उल्लास को सखी क्लब की महिलाओं ने एक यादगार उत्सव में बदल दिया। बारां जिले में आयोजित इस 'बसन्तोत्सव' ने न केवल परंपराओं को जीवंत किया, बल्कि सखी क्लब की सदस्यों के बीच अटूट प्रेम और सामूहिकता की नई मिसाल पेश की। उत्सव का नजारा ऐसा था मानो केसरिया और पीले रंगों की फुहारों ने पूरे परिसर को इंद्रधनुषी चमक से सराबोर कर दिया हो।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के वंदन और उत्साहपूर्ण शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ हुई। सखी क्लब की अध्यक्ष एवं जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया तथा कोषाध्यक्ष मधु शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में सभी सखियां पारंपरिक पीले वस्त्रों में सुसज्जित होकर पहुंची थीं, जो बसंत के प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतिबिंब लग रहा था। इस भव्य आयोजन की मेजबानी चन्द्रकला माथोडिया ने की, जिन्होंने भारतीय संस्कृति की मर्यादा के अनुरूप सभी उपस्थित सखियों का तिलक-चंदन कर और मुंह मीठा करवाकर भावभीना स्वागत किया।

आयोजन की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब क्लब की नई सदस्या मेघा जैन का तिलक और माल्यार्पण कर विधिवत स्वागत किया गया। ज्योति जैन और विमला जैन ने इस शिष्टाचार की कमान संभाली, जिससे नवागंतुक सदस्य को परिवार जैसा अपनत्व महसूस हुआ। इसके पश्चात मनोरंजन और प्रतिस्पर्धा का दौर शुरू हुआ, जिसने माहौल में रोमांच भर दिया। शालिनी गुप्ता और मृदुला सोनी के निर्देशन में आयोजित 'हा जी-ना जी' प्रतियोगिता में मंजू बंसल ने अपनी कुशाग्रता से प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि साधना जैन द्वितीय और मधु शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं।

प्रतिस्पर्धाओं का क्रम यहीं नहीं थमा। 'कपल गेम' में निवर्तमान सभापति श्रीमती ज्योति पारस ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, 'हेप्पी बसन्त पंचमी' प्रतियोगिता में त्रिषला जैन ने प्रथम और प्रेरणा शर्मा ने द्वितीय स्थान पाकर अपनी खुशी जाहिर की। उत्सव का सबसे प्रतीक्षित क्षण 'बसन्त क्वीन' प्रतियोगिता रहा, जिसकी घोषणा श्वेता जैन और मधु गुप्ता ने की। इस प्रतिष्ठित खिताब को मधु शर्मा ने अपने नाम कर महफिल लूट ली। इसके अतिरिक्त 'फस्ट ओके' प्रतियोगिता में चन्द्रकला सेठी और 'अरली बर्ड' प्रतियोगिता में सुनीता जैन विजेता घोषित की गईं।

स्नेहभोज के आनंद और खिलखिलाते चेहरों के बीच इस कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस अवसर पर संतोष कासनीवाल, रानी नोपडा और प्रीति शर्मा सहित क्लब की अनेक गणमान्य सखियां मौजूद रहीं। यह आयोजन मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि नारी शक्ति के एकत्रीकरण और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा, जिसकी चर्चा पूरे बारां शहर में हो रही है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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