बड़वा में सात दिवसीय श्रीराम कथा शुरू, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
कोटा–बारां राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप खेड़िया के बाग में महामंडलेश्वर सर्वेश्वरदास त्यागी जी महाराज के मार्गदर्शन में आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन।

कोटा–बारां राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़वा के समीप खेड़िया के बाग में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान पंडाल में बैठे श्रद्धालु।
कोटा–बारां राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़वा के समीप खेड़िया के बाग में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सर्वेश्वरदास त्यागी जी महाराज के पावन मार्गदर्शन में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा स्थल पर भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक वातावरण के बीच पूरा परिसर राममय हो उठा।
कथा व्यास श्याम जी ने भारतीय संस्कारों और जीवन मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि एक श्रेष्ठ सनातनी समाज के निर्माण के लिए सम्पत्ति नहीं, बल्कि ‘सन्मति’ अर्थात श्रेष्ठ बुद्धि की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि अविवेकपूर्ण आचरण के कारण सम्पत्ति भी विपत्ति का कारण बन जाती है, इसलिए माता-पिता का दायित्व है कि वे अपनी संतति को संस्कारित जीवन प्रदान करें।
उन्होंने आगे कहा कि गीता और रामचरितमानस के श्लोकों एवं चौपाइयों का अर्थ सहित अध्ययन नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान कर सकता है। गीता जहां कर्मयोग की शिक्षा देकर पराजित अर्जुन को विजय पथ पर अग्रसर करती है, वहीं रामचरितमानस मर्यादा की रक्षा का संदेश देती है, जिसके माध्यम से शक्तिशाली रावण का भी अंत हुआ। उन्होंने सभी ग्रंथों का सार ‘राम नाम’ को बताते हुए कहा कि “मंत्र प्रजा हैं और राजा स्वयं श्रीराम हैं।” साथ ही उन्होंने “कलियुग केवल नाम अधारा” का उल्लेख किया।
कथा प्रसंग में दक्ष प्रजापति के अहंकार के नाश एवं माता पार्वती की कठोर तपस्या का जीवंत वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस प्रसंग ने जीवन में तपस्या और साधना के महत्व को प्रभावी रूप से रेखांकित किया।
आज की कथा के मुख्य यजमान धीरज मालव गोविन्द पुरा वाले रहे। कार्यक्रम के दौरान आचार्य परमानंद ने जानकारी दी कि बुधवार को कथा में नागरिक सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष जय नारायण हल्दिया, पूर्व डायरेक्टर महेंद्र गोयल, लीलाधर गोयल एवं जगदीश शर्मा का राधिका दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
यह सात दिवसीय श्रीराम कथा क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों के पुनर्स्थापन का महत्वपूर्ण केंद्र बनती जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु निरंतर सहभागिता कर रहे हैं।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
