दीवारों के सहारे जिंदगी: बारां के शाहीपुरा गांव में आज तक नहीं बनी पक्की सड़क, ग्रामीणों ने एडीएम से लगाई गुहार
बारां जिले की किशनगंज तहसील के ग्राम शाहीपुरा में आज तक पक्की सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में रास्ता बंद होने, पुलिया नहीं होने और दुर्घटनाओं की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की है।

तस्वीर में शाहीपुरा गांव के ग्रामीण अंशदीप सिंह फोजी के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) को ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
बारां जिले की किशनगंज तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम शाहीपुरा के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव बसने के बाद से अब तक वहां एक भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के जीवन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने अंशदीप सिंह फोजी के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) को ज्ञापन सौंपकर बताया कि गांव में पक्की सड़क नहीं होने से छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं ग्रामीणों को दैनिक कार्यों के साथ-साथ विशेष रूप से बीमारी के समय आवागमन में गंभीर दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि गांव के आवागमन मार्ग में एक नाला पड़ता है, जिससे बरसात के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है। नाले पर पुलिया नहीं होने के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। बारिश के दौरान रास्ते पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को अपने स्तर पर मोरम डालकर रास्ता तैयार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्य के लिए पंचायत या तहसील स्तर पर उन्हें किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिलती।
इस गंभीर समस्या से परेशान समस्त ग्रामवासियों ने एडीएम से गांव में शीघ्र पक्की सड़क का निर्माण करवाने की गुहार लगाई है। ज्ञापन देने वालों में विजेंद्र सिंह, मोहित, रोहित, मनीष, चेतन, हरीश, सुरेंद्र, सुनील, मनोज, सोनू बंजारा और संतोष सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
