बारां जिले के शाहबाद क्षेत्र की जैव विविधता और सघन वनों पर मंडराते संकट के खिलाफ जन आक्रोश कस्बाथाना में मुखर हुआ। शाहबाद तहसील के ग्राम कलोनी में प्रस्तावित शाहपुरा पम्पड स्टोरेज पावर प्लांट के विरोध में शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति, बाराँ की ओर से चलाए जा रहे शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन को क्षेत्रवासियों का समर्थन मिला। युवा पर्यावरण प्रेमी गब्बर सिंह यदुवंशी और उनके साथियों के नेतृत्व में 237 गांवों में जन-जागरण के तहत निकाली जा रही जन क्रांति पदयात्रा के कस्बाथाना पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। यहां आयोजित आमसभा में 200 से 300 ग्रामीणों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया।

सभा के बाद कस्बे के श्रीराम रंगमंच, पुराना बस स्टैंड से निमझिरिया तक जनजागरण रैली निकाली गई। पदयात्रियों ने शाहबाद का जंगल बचाना है, आने वाली पीढ़ी का भविष्य सजाना है और जंगल-जमीन हमारा है। विनाशकारी प्रोजेक्ट वापस लो जैसे नारों के साथ कस्बे के मुख्य मार्गों का भ्रमण किया।

सभा को संबोधित करते हुए यज्ञदत्त हाड़ा, संरक्षक, चम्बल संसद, कोटा ने कहा कि शाहबाद घाटी हाड़ौती का फेफड़ा और जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर इस सघन वन और नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को उजाड़ने का षड्यंत्र कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चम्बल संसद के समन्वयक बृजेश विजयवर्गीय ने कहा कि ग्रीन एनर्जी की आड़ में जंगलों को नष्ट किया जा रहा है। भारी जल दोहन से स्थानीय जल स्रोत खत्म हो जाएंगे। उन्होंने इसे कानूनी और पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर अन्याय बताया।

जन क्रांति पदयात्रा के संयोजक गब्बर सिंह यदुवंशी ने कहा कि 237 गांवों की जनता एकजुट है। उन्होंने कहा कि पुरखों द्वारा सहेजे गए जंगलों को कॉरपोरेट के हवाले नहीं होने देंगे। प्लांट रद्द होने तक पदयात्रा और संघर्ष जारी रहेगा।

पीपुल्स फॉर अरावलीज के बूंदी संयोजक विट्ठल सनाढ्य ने कहा कि शाहबाद के जंगल दुर्लभ वन्यजीवों और औषधियों की धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक संपदा को मिटाने के गंभीर दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने होंगे।

लोक अधिकार मंच के संभागीय अध्यक्ष प्रमोद सोनी ने लोगों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह सहरिया जनजाति और ग्रामीणों के जीवन व आजीविका पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए यह लड़ाई निर्णायक होगी।

इंटेक बाराँ चौप्टर के संयोजक जितेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि शाहबाद हमारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत है। उन्होंने कहा कि इस औद्योगिक हस्तक्षेप से पारंपरिक जल तंत्र और वन्यजीव गलियारे पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे।

चम्बल संसद के सदस्य डॉ. अमित सिंह राठौड़ और दिलीप नावर ने कहा कि तकनीकी रूप से पम्पड स्टोरेज प्लांट से भारी जल संकट और वनों की कटाई होगी, जिससे क्षेत्रीय पर्यावरण और वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

रैली के दौरान पूरे कस्बे में व्यापारियों और आमजन ने पदयात्रियों का उत्साहवर्धन किया। संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि जब तक कलोनी में प्रस्तावित शाहपुरा पम्पड स्टोरेज पावर प्लांट को पूरी तरह निरस्त नहीं किया जाता, तब तक तहसील के शेष गांवों में जन क्रांति पदयात्रा निरंतर जारी रहेगी।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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