बारां, 21 मार्च। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान बारां के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल ने शाहबाद जंगल में प्रस्तावित पावर प्लांट पर आपत्ति जताते हुए इसे ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने की सरकार से पुरजोर मांग की है। राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, फेडरेशन का मानना है कि औद्योगिक परियोजना के बजाय पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करना क्षेत्र के भविष्य के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध होगा।

शाहबाद की प्राकृतिक संपन्नता और पर्यटन की संभावनाएं

हरिओम अग्रवाल ने कहा कि "शाहबाद जंगल राजस्थान का सबसे बड़ा और घना जंगल है, जहाँ ईको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, यहां के जंगल में प्राचीन जड़ी बूटियां एवं विशाल वटवृक्ष पाए जाते हैं।" उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शाहबाद जंगल का प्राकृतिक वातावरण, समृद्ध जैव विविधता और हाल के वर्षों में चीते के मूवमेंट की संभावनाएं इस क्षेत्र को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए अत्यंत आकर्षक बना सकती हैं। यदि यहाँ जंगल सफारी, नेचर ट्रेल्स, ईको-लॉज, व्यू पॉइंट्स और आधारभूत पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए, तो बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ आएंगे।

पर्यावरण संरक्षण बनाम औद्योगिक परियोजना

उन्होंने स्पष्ट किया कि "पावर प्लांट लगाने से जहाँ जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति होगी, वहीं ईको-टूरिज्म मॉडल अपनाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।" इससे सरकार को निरंतर राजस्व प्राप्ति भी होगी और क्षेत्र का समग्र विकास संभव होगा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान ने सरकार से मांग की है कि शाहबाद जंगल को औद्योगिक परियोजनाओं से मुक्त रखते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर के ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए।

विकास के लिए वैकल्पिक स्थान का सुझाव

यह कदम न केवल पर्यावरण के हित में होगा, बल्कि राजस्थान के पर्यटन मानचित्र पर शाहबाद को एक नई पहचान दिलाएगा। पदाधिकारियों ने पावर प्लांट हेतु अन्यत्र जगह तलाश कर वहां स्थानांतरित करने की मांग करते हुए कहा कि "हम विकास विरोधी नहीं हैं, किंतु प्लांट ऐसी जगह पर लगाया जा सकता है जहां जंगल नहीं हो।"

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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