शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन: बारां में हस्ताक्षर अभियान का पुनः शुभारंभ
ग्रीनको हाइड्रो पावर परियोजना के विरोध में 28 लाख पेड़ों को बचाने के लिए संघर्ष समिति ने समाजसेवी विष्णु साबू के नेतृत्व में अभियान तेज किया।

बारां के झालावाड़ रोड स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में रविवार को शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के तहत आयोजित हस्ताक्षर अभियान के दौरान एकजुट हुए नागरिक और पर्यावरण प्रेमी।
शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां के बैनर तले चलाए जा रहे "शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन” की श्रृंखला में रविवार को तेल फैक्ट्री में झालावाड़ रोड स्थित श्रीराम जानकी मंदिर पर हस्ताक्षर अभियान का समाजसेवी एवं उद्योगपति विष्णु साबू द्वारा फिर से शुभारम्भ किया गया।
परियोजना का विरोध और पर्यावरण संकट
- जिले की शाहबाद तहसील में ग्रीनको एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा प्रस्तावित हाइड्रो पावर परियोजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लगभग 28 लाख पेड़ों की कटाई की अनुमति दिए जाने के विरोध में पर्यावरण प्रेमियों एवं जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर आंदोलन चलाया था।
विष्णु साबू का संबोधन
इस अवसर पर समाजसेवी विष्णु साबू ने कहा कि:
"शाहबाद की घाटी केवल जंगल नहीं, बल्कि जैव विविधता, जल स्रोतों और स्थानीय जीवन का आधार है। विकास के नाम पर लाखों पेड़ों की कटाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। यदि आज प्रकृति को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा।"
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस जनआंदोलन से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
संघर्ष समिति का रुख
संघर्ष समिति बारां के संरक्षक प्रशांत पाटनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि:
"इस परियोजना के कारण शाहबाद घाटी क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ जल स्रोतों, वन्यजीवों और स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका पर भी गंभीर संकट उत्पन्न होगा।"
समिति द्वारा शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से हस्ताक्षर अभियान, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं अन्य आंदोलनात्मक गतिविधियाँ निरंतर जारी रखी जाएंगी।
जनभागीदारी और संकल्प
शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां के अध्यक्ष मुकेश सोनी ने बताया कि:
- हस्ताक्षर अभियान में पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
- सभी उपस्थित जनों ने एकजुट होकर शाहबाद जंगल बचाओ का संकल्प लिया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
