बारां में सनसनी: 20 लाख की फिरौती के लिए घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग, एक आरोपी दबोचा
बारां में 20 लाख की फिरौती के लिए अबरार अहमद के घर पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश। पुलिस ने मुख्य आरोपी शालू बाबर को गिरफ्तार किया। कोटा और बारां के बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए चलाए 10 राउंड फायर। पढ़ें पुलिस की बड़ी कार्रवाई और मामले का पूरा विवरण।

बारां। राजस्थान के बारां जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बेखौफ बदमाशों ने एक युवक के घर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। यह वारदात महज दहशत फैलाने के लिए नहीं, बल्कि 20 लाख रुपये की मोटी फिरौती वसूलने के लिए अंजाम दी गई थी। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के निर्देशन में बारां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जबकि अन्य की तलाश में सरगर्मी से छापेमारी जारी है।
घटना का सिलसिला 14 जनवरी 2026 की शाम करीब 7:00 बजे शुरू हुआ। फरियादी अबरार अहमद, जो मांगरोल दरवाजा स्थित शफकत की बाड़ी के निवासी हैं, अपने घर के भीतर मौजूद थे। अचानक नीचे से किसी ने आवाज देकर उन्हें बाहर बुलाया। जैसे ही अबरार ने दरवाजा खोला, मौत उनके सामने खड़ी थी। हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की नियत से गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अपनी जान बचाने के लिए अबरार ने तुरंत दरवाजा बंद किया, लेकिन बदमाशों के सिर पर खून सवार था। उन्होंने बंद दरवाजे पर एक के बाद एक करीब 8 से 10 राउंड फायर झोंक दिए। दहशत के इस मंजर के बीच अबरार भागकर ऊपर की बालकनी में पहुंचे, जहां से उन्होंने देखा कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर छह हमलावर पिस्टल और देसी कट्टे लहराते हुए फरार हो रहे हैं।
अबरार अहमद की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों की पहचान अमन बाबर (निवासी कोटा), विक्की चोर (निवासी नयापुरा, बारां), तिवारी बच्चा (निवासी कोटा) और शालू बाबर (निवासी बारां) के रूप में हुई, जिनके साथ दो अन्य अज्ञात साथी भी शामिल थे। इस दुस्साहसिक वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग हरकत में आया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के सुपरविजन और वृताधिकारी हरिराम सोनी के नेतृत्व में कोतवाली थानाधिकारी योगेश चौहान की एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और भौतिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए फरार आरोपी शालू उर्फ शालू बाबर पुत्र कमाल हुसैन को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अनुसंधान में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन आदतन अपराधियों ने पूर्व में भी अबरार अहमद को धमकाते हुए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। जब अबरार ने इस धमकी को अनदेखा कर दिया, तो आरोपियों ने खौफ पैदा करने के लिए इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया। इस सफल कार्रवाई में थानाधिकारी योगेश चौहान के साथ उप निरीक्षक मानसिंह, कॉन्स्टेबल शिवम कुमार और रामकिशोर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यह कार्रवाई बारां में अपराध के विरुद्ध पुलिस के सख्त रुख को दर्शाती है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
