शहर के कोटा रोड स्थित रूचि सोया प्लांट में घोर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कर्मचारियों के उपयोग में आ रहे वाटर कूलर के भीतर सड़ांद मारते चूहे, चिड़िया व अन्य पक्षी मृत अवस्था में पड़े मिले। बदबू आने पर एक कर्मचारी द्वारा कूलर का ढक्कन खोलकर देखने पर यह भयावह स्थिति उजागर हुई।

हिंदू जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश खुराना ने बयान जारी कर बताया कि इतनी गंभीर लापरवाही के बावजूद कर्मचारी कई दिनों से उसी दूषित और बदबूदार पानी का सेवन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पानी को पीने से एक-दो कर्मचारियों को डिहाइड्रेशन हो गया, जिनका उपचार करवाया गया।

खुराना ने प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्लांट के मैनेजमेंट द्वारा अपने उपयोग के लिए अलग वॉटर कैंपर मंगवाया जाता है, जबकि आम कर्मचारियों और मजदूरों को इसी वाटर कूलर के पानी पर निर्भर रहना पड़ता रहा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रूचि सोया में पतंजलि के बिकने वाले आइटम बनते हैं, जो आम लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं, लेकिन इस तरह की लापरवाही से प्लांट प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि छोटी-छोटी बातों पर सैंपल लेकर व्यापारियों को परेशान करने वाले सीएमएचओ और फूड इंस्पेक्टर का इस गंभीर मामले की ओर कोई ध्यान नहीं है। खुराना ने मांग की कि बारां जिले में जितनी भी फैक्ट्रियां हैं, जहां खाने-पीने की चीजों का उत्पादन किया जाता है, वहां फूड इंस्पेक्टर को जाकर जांच-पड़ताल करनी चाहिए।

यह घटना न केवल औद्योगिक इकाइयों में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है, बल्कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य के प्रति बरती जा रही लापरवाही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story