बारां। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गौरवशाली शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर बारां नगर में वर्ष प्रतिपदा उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार रात्रि शहर के श्रीराम स्टेडियम में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम ने भारतीय सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रवाद के अटूट संगम को प्रस्तुत किया। ज्ञात हो कि संघ द्वारा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर प्रतिवर्ष यह उत्सव मनाया जाता है, जो न केवल भारतीय नववर्ष का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्र के पुनर्निर्माण के संकल्प का भी माध्यम है।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मंच पर विराजमान बारां विभाग के माननीय विभाग संघ चालक रमेश मेहता एवं मुख्य वक्ता राजस्थान क्षेत्र के सह संपर्क प्रमुख योगेंद्र द्वारा संघ के आद्य सरसंघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित कर किया गया। इस भावपूर्ण क्षण के पश्चात उपस्थित समस्त स्वयंसेवकों ने आद्य सरसंघचालक को सामूहिक प्रणाम निवेदित कर कार्यक्रम को गति प्रदान की।

मुख्य वक्ता योगेंद्र ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में रेखांकित किया कि भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 हमारी समृद्ध परंपरा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ऋतु परिवर्तन मात्र नहीं, बल्कि समाज में नई ऊर्जा के संचार का काल है। इस पावन तिथि के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इसका सीधा संबंध मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और अनेक युगपुरुषों के प्राकट्य से जुड़ा है, जो इसे और भी वंदनीय बनाता है।

योगेंद्र ने उपस्थित स्वयंसेवकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर समाज के प्रत्येक वर्ग को इस उत्सव से जोड़ें और भारतीय संस्कृति के प्रति जन-जागरण का संचार करें। डॉ. हेडगेवार के जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को अभूतपूर्व गति देने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही, उन्होंने आने वाली पीढ़ी में बाल्यकाल से ही देशभक्ति और संस्कारों के बीजारोपण को वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता बताया।

संगठनात्मक प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम में वनवासी क्षेत्रों में कार्य के विस्तार और समाज के विभिन्न वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। वक्ता ने स्पष्ट किया कि संघ की 100 वर्षों की यह अनवरत यात्रा समाज में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रतिफल है और आज की वैश्विक परिस्थितियों में इसकी प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

वर्तमान सामाजिक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए समाज में अभेद्य एकता, समरसता और संगठन की भावना को सुदृढ़ करने की अपील की गई। जातिगत बंधनों की बेड़ियों को तोड़कर एक अखंड समाज बनाने पर जोर देते हुए यह संदेश दिया गया कि संघ का ध्येय किसी का विरोध करना नहीं, अपितु सबको साथ लेकर एक सशक्त और संगठित राष्ट्र का निर्माण करना है।

इस अवसर पर समस्त स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे संपूर्ण समाज को संगठित करते हुए विश्व कल्याण की भावना को सर्वोपरि रखेंगे और एक समरस समाज की रचना के लिए कृतसंकल्पित रहेंगे। कार्यक्रम के समापन पर यह घोषणा की गई कि रामनवमी सहित आगामी विभिन्न अवसरों पर गांव-गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन सूक्ष्म आयोजनों के माध्यम से समाज में व्यापक जनसंपर्क स्थापित कर अधिक से अधिक जन-सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे राष्ट्रवाद की यह धारा जन-जन तक पहुंच सके।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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