बारां के छिनोद में गूंजा सड़क सुरक्षा का शंखनाद: नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को सिखाया जीवन का पाठ
बारां के छिनोद में जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा के नेतृत्व में आयोजित सड़क सुरक्षा रात्रि चौपाल में नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। हेड कांस्टेबल राजेंद्र और सरपंच प्रतिनिधि भानुप्रताप सिंह की मौजूदगी में शपथ दिलाकर सुरक्षित सफर का संदेश दिया गया। जानें कैसे कला और संवाद ने बदली ग्रामीणों की सोच।

बारां। सड़कों पर बढ़ते हादसों के कालचक्र को थामने और अनमोल जिंदगियों को महफूज रखने के लिए बारां जिला प्रशासन ने अब ग्रामीण अंचलों में मोर्चा संभाल लिया है। जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा के कुशल नेतृत्व में ग्राम पंचायत छिनोद की चौपाल उस वक्त जागरूकता की पाठशाला बन गई, जब वहां 'सड़क सुरक्षा रात्रि चौपाल' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि गंभीर संदेशों के जरिए ग्रामीणों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।
कार्यक्रम का आगाज मुख्य अतिथि हेड कांस्टेबल राजेंद्र और अध्यक्षता कर रहे सरपंच प्रतिनिधि भानुप्रताप सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जैसे ही दीये की लौ प्रज्वलित हुई, छिनोद की चौपाल सड़क सुरक्षा के संकल्प से जगमगा उठी। इस अवसर पर कलाकारों ने अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि ग्रामीण मंत्रमुग्ध रह गए। दशरथ, कैलाश कुमार, राजाराम, ईश्वर लाल और राजेंद्र की नुक्कड़ नाटक टीम ने अपनी ओजस्वी प्रस्तुति से यह समझाया कि सड़क पर की गई एक छोटी सी लापरवाही कैसे पूरे परिवार को उम्र भर का दर्द दे सकती है। नाटक के जरिए हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, तेज रफ्तार पर लगाम, नाबालिगों को वाहन न सौंपने और शराब के नशे में स्टेयरिंग न थामने जैसी गंभीर बातों को बेहद सरल और मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
संवाद के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए एनजीओ सदस्य हरीश कुमार और रघुवीर ने सांख्यिकीय और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से ग्रामीणों को चेताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाएं कोई दैवीय आपदा नहीं, बल्कि यातायात नियमों की अनदेखी का परिणाम हैं। मुख्य अतिथि हेड कांस्टेबल राजेंद्र ने कानून और सुरक्षा के बीच के सेतु को समझाते हुए कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपने परिवार की खुशी के लिए 'जीवन रक्षा कवच' के रूप में अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील की कि वे अपने बच्चों को यातायात के कायदों से रूबरू कराएं।
कार्यक्रम का समापन एक भावुक और सशक्त क्षण के साथ हुआ, जब चौपाल में उपस्थित जनसैलाब ने एक स्वर में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ ली। ग्राम पंचायत, सड़क सुरक्षा समिति और एनजीओ के साझा सहयोग से आयोजित इस रात्रि चौपाल ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज जागरूक हो जाए, तो दुर्घटनाओं के ग्राफ को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। छिनोद की यह रात केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि सुरक्षित सफर की ओर बढ़ाया गया एक मजबूत कदम रही।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
