बारां। ग्रामीण अंचल के कायाकल्प और भावी पीढ़ी में संस्कारों के बीजारोपण के संकल्प के साथ एकल अभियान अंचल बारां द्वारा आयोजित दो दिवसीय समन्वय चिंतन एवं समीक्षा बैठक का बारां जिला मुख्यालय पर भव्य समापन हुआ। अंबेडकर चौराहा स्थित जिला कार्यालय में आयोजित इस गरिमामय बैठक में अंचल के संच प्रशिक्षकों, संस्कार साधकों और अंचल टोली के निर्णायक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जहां आगामी लक्ष्यों को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान संभाग संरक्षक आचार्य परमानंद, भाग गतिविधि प्रमुख पूरणमल एवं भाग प्रशिक्षण प्रमुख सत्यनारायण सुमन के ओजस्वी सानिध्य में हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए आचार्य परमानंद ने कार्यकर्ताओं के भीतर नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि कार्यकर्ताओं की जीवन दिनचर्या और उनका प्रवास समाज के लिए प्रेरणादायक होना चाहिए। उन्होंने संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए आगामी 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति तक प्रत्येक ग्राम और संच समितियों का गठन अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही, उन्होंने स्वामी विवेकानंद जयंती को ग्रामीण क्षेत्रों में गौरव और भव्यता के साथ मनाने का आह्वान किया ताकि युवाओं को स्वामी जी के विचारों से जोड़ा जा सके।

शिक्षा की गुणवत्ता और उसके व्यावहारिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए भाग प्रशिक्षण प्रमुख सत्यनारायण सुमन ने पंचदिवसीय आचार्य प्रशिक्षण वर्गों की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षा का स्वरूप केवल औपचारिक नहीं, बल्कि परिणामोन्मुखी होना चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक और मानसिक धरातल पर वास्तविक परिवर्तन दिखाई दे। इसी क्रम में संगठन की मर्यादा और अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए भाग गतिविधि प्रमुख पूरणमल ने कार्यकर्ताओं को समयबद्धता और अधिकतम प्रवास करने के लिए प्रेरित किया, ताकि अभियान की पहुंच अंतिम छोर के व्यक्ति तक हो सके।

बैठक में आगामी माह की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए निर्णय लिया गया कि जनवरी माह में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ग्राम विकास और आरोग्यता के प्रति जन-जागरण हेतु भव्य एकल रैलियों और विशाल सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के सफल प्रबंधन के लिए शिविर प्रभारी रामनिवास नागर को अंचल समिति और भाग अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर अभियान प्रमुख लक्ष्मी नारायण ने समस्त अतिथियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अंचल प्रशिक्षण प्रमुख प्रियंका चक्रधारी और गतिविधि प्रमुख भग्गूलाल सहित जिले के सभी अपेक्षित कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति रही। यह बैठक न केवल समीक्षा का माध्यम बनी, बल्कि बारां अंचल में सामाजिक समरसता और संस्कारित शिक्षा की एक नई लहर फूंकने में मील का पत्थर साबित हुई।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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