राजस्थान पर्यटन को नई दिशा: सचिवालय में आज होटल फेडरेशन की सरकार के साथ अहम बैठक
राजस्थान के पर्यटन उद्योग की तकदीर बदलने के लिए आज सचिवालय में सरकार और होटल फेडरेशन आमने-सामने होंगे। क्या ग्रामीण पर्यटन और भूमि आवंटन नीतियों में होगा बड़ा बदलाव? जानिए इस हाई-प्रोफाइल बैठक से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ।

जयपुर सचिवालय में आयोजित बैठक में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के पदाधिकारी राज्य के ग्रामीण पर्यटन, भूमि रूपांतरण और निवेश नीतियों पर चर्चा कर रहे हैं।
राजस्थान के आतिथ्य एवं पर्यटन क्षेत्र के लिए आज का दिन अत्यंत निर्णायक सिद्ध होने वाला है। प्रदेश के पर्यटन उद्योग की दशा और दिशा तय करने के लिए होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के पदाधिकारियों की सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक राजस्थान सचिवालय, जयपुर में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में राज्य के राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के प्रमुख शासन सचिव और फेडरेशन के प्रतिनिधि आमने-सामने होंगे, जहाँ ग्रामीण पर्यटन इकाइयों और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर गहन मंथन किया जाएगा।
बैठक में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष हुसैन खान, सचिव रणविजय सिंह और कोटा संभाग के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी अपनी बात सरकार के समक्ष रखेंगे। फेडरेशन के मीडिया प्रमुख राजेंद्र शर्मा और इंटेक के कन्वीनर जितेंद्र शर्मा पम्मी ने बताया कि बारां इकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, सचिव जगदीश शर्मा और उपाध्यक्ष महेंद्र शर्मा कस्तूरी सहित संपूर्ण प्रदेश के पदाधिकारी इस संवाद को सफल बनाने हेतु सक्रिय हैं। इस चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु ग्रामीण पर्यटन इकाइयों से जुड़े राजस्व विभाग के जटिल मुद्दे और सरकार की प्रस्तावित भूमि आवंटन योजना है, जो प्रदेश में नए निवेश को प्रोत्साहित करने का आधार बनेगी।
राजस्व संबंधी पेचीदगियों को सुलझाने के उद्देश्य से फेडरेशन ने अपने सभी सदस्यों से भूमि रूपांतरण, लीज, भूमि उपयोग, डीएलसी दरें, नामांतरण और ग्रामीण पर्यटन अनुमतियों से जुड़े अपने सुझाव और समस्याओं को संकलित करने का आह्वान किया है। फेडरेशन का स्पष्ट मानना है कि यदि होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और रेस्तरां संचालकों की वास्तविक चुनौतियों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए, तो आतिथ्य उद्योग के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकता है। आज की यह बैठक न केवल लंबित समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त करेगी, बल्कि भविष्य में राजस्थान को पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए एक ठोस नीतिगत ढांचा तैयार करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
