बारां में वंदे गंगा अभियान के तहत पेयजल संकट पर बड़ी कार्रवाई
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 12 टीमों ने 60 स्थानों पर कार्रवाई कर हैंडपंप दुरुस्त किए और अवैध कनेक्शन काटे।

बारां जिले में वंदे गंगा अभियान के तहत शनिवार को सड़क खोदकर भूमिगत पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करते जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तकनीकी कर्मचारी और निरीक्षण करते अधिकारी।
आमजन को भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच शुद्ध एवं सुचारू पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने एक अत्यंत अनूठी और प्रभावी पहल की शुरुआत की है। वंदे गंगा जल संरक्षण जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत जिला कलेक्टर के कड़े और स्पष्ट निर्देशानुसार बारां जिले में आगामी 30 जून तक हर शनिवार को यह विशेष अभियान युद्धस्तर पर चलाया जाएगा। इस विशेष मुहिम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हैंडपंप व नलकूप मरम्मत करने, पाइपलाइन लीकेज को पूरी तरह ठीक करने, पानी की चोरी रोकने हेतु अवैध कनेक्शन काटने तथा कम दबाव एवं प्रदूषित पानी मिलने की गंभीर शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निपटारा कर जनता को राहत प्रदान करना है।
इस महा-अभियान को धरातल पर बेहद प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए विभाग द्वारा जिले में 12 विशेष टीमों का गठन किया गया है। क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक टीम की कमान सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है, जिन्हें पलक झपकते ही मौके पर पहुंचने के लिए 12 विशेष वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इसी क्रम में अभियान के तीसरे शनिवार यानी 30 मई को विभाग की इन सभी 12 टीमों ने एक साथ मिलकर जिले के 60 विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया।
शनिवार को हुई इस व्यापक कार्रवाई के दौरान टीमों ने त्वरित गति से कार्य करते हुए 24 खराब पड़े हैंडपंपों को मौके पर ही दुरुस्त कर दोबारा चालू किया। इसके साथ ही, 4 प्रमुख स्थानों पर बड़े पाइपलाइन लीकेज को पूरी तरह ठीक किया गया, जबकि 9 क्षेत्रों में लंबे समय से आ रही कम दबाव की शिकायत को दूर कर जलापूर्ति को सामान्य बनाया गया। तकनीकी खामियों के कारण बाधित चल रही 3 क्षेत्रों की पेयजल सप्लाई को भी तकनीकी कमियां सुधार कर बहाल किया गया। इसके अतिरिक्त, 2 स्थानों पर कम पेयजल आपूर्ति और 5 जगहों पर कम समय तक आपूर्ति की जनशिकायतों का मौके पर ही स्थाई निवारण किया गया। दूषित पानी की आपूर्ति से परेशान 2 क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या को जड़ से खत्म किया गया। वहीं, राष्ट्रीय संपत्ति और पानी की चोरी को रोकने के लिए विभाग ने पुलिस प्रशासन के साथ संयुक्त समन्वय स्थापित कर कड़ा रुख अपनाया और मौके पर ही 11 अवैध जल कनेक्शनों को काट दिया।
इस पूरी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए जिला कलेक्टर के सीधे मार्गदर्शन में उपखंड अधिकारी, तहसीलदार व विकास अधिकारी को लगातार पेयजल योजनाओं का सघन निरीक्षण कर सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने यह भी तय किया है कि जिन सुदूर या प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइनों के माध्यम से पानी नहीं पहुंच पा रहा है, वहां टैंकरों के माध्यम से अनिवार्य रूप से जलापूर्ति की जाए। वर्तमान में इस योजना के तहत जिले के 118 ग्रामों व ढाणियों में 41 टैंकरों के माध्यम से प्रतिदिन 254 ट्रिप लगाकर रिकॉर्ड जलापूर्ति की जा रही है, जो इस भीषण गर्मी में संकटमोचक सिद्ध हो रही है।

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