राजस्थान के बारां जिले में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों और भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, किंतु विडंबना यह है कि इस तपिश से राहत दिलाने के लिए न तो जिला प्रशासन चिंतित नजर आ रहा है और न ही नगर परिषद की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मौसम विभाग द्वारा पूर्व में ही 19 अप्रैल से आगामी दिनों तक राजस्थान सहित अन्य राज्यों में लू और भीषण गर्मी की चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता पर बारां व्यापार महासंघ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। महासंघ का आरोप है कि नगर परिषद के आला अधिकारी एयर कंडीशनर कमरों से बाहर निकलने की जहमत नहीं उठा रहे हैं, जिसके कारण आमजन और राहगीरों को इस चिलचिलाती धूप में खुले आसमान के नीचे आश्रय के लिए भटकना पड़ रहा है।

व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश बाटा ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पूर्व के वर्षों में नगर परिषद द्वारा भीषण गर्मी के दौरान जगह-जगह आश्रय स्थल, ठंडे पेयजल और कूलर आदि की समुचित व्यवस्था की जाती रही है, परंतु इस बार अब तक ऐसे कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिला प्रशासन की इस विषय पर मौन साधे रहने की कार्यप्रणाली ने व्यापारियों के रोष को और बढ़ा दिया है। इसी क्रम में व्यापार महासंघ के पदाधिकारी देवकीनंदन बसल, ललित मोहन खंडेलवाल, विमल बंसल, सेन कुमार अदलक्खा, वेद प्रकाश टक्कर, कलीम भाई बोहरा, कमलेश गोयल, राकेश जैन, मनीष लश्करी, महासचिव कन्हैया लाल चित्तोडा, शंकर महेश्वरी, नरेश नंदवाना, उपाध्यक्ष नरेश खंडेलवाल, हेमराज शर्मा, कमलेश जैन, संजय शर्मा, महेंद्र शर्मा कस्तूरी, विष्णु गुप्ता, संजय गुप्ता, आसिफ भाई, मनोज बाठला, पुनित कुमरा और मनीष गर्ग ने संयुक्त रूप से एक विज्ञप्ति जारी की है।

इस विज्ञप्ति के माध्यम से महासंघ ने जिला प्रशासन एवं नगर परिषद से पुरजोर मांग की है कि तपती सड़कों और लू के थपेड़ों से राहगीरों को बचाने के लिए बस स्टैंड से चार मूर्ति चौराहा, प्रताप चौक, धर्मादा चौराहा, दीनदयाल पार्क, अंबेडकर सर्किल, हॉस्पिटल रोड, कॉलेज रोड से मेल खेड़ी रोड और मांगरोल बाईपास माथनी तिराहा समेत शहर के प्रमुख स्थलों पर सुविधायुक्त विश्राम स्थल तत्काल प्रभाव से स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों पर न केवल बैठने की समुचित व्यवस्था हो, बल्कि ठंडे पेयजल और कूलर का प्रबंध भी अनिवार्य रूप से किया जाए ताकि राहगीरों को इस जानलेवा गर्मी से कुछ पल की राहत मिल सके। महासंघ की यह मांग प्रशासन की संवेदनशीलता और आमजन के प्रति उनकी जवाबदेही को कटघरे में खड़ा करती है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story