बारां: एसीबी ने कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक को रिश्वत लेते पकड़ा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्टॉक रजिस्टर सत्यापन के नाम पर 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

बारां में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम द्वारा 5 मई को ट्रैप की गई कार्रवाई के बाद हिरासत में आरोपी संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा (इनसेट)।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बारां में तैनात कृषि विस्तार के संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अधिकारी पर खाद-बीज विक्रेताओं से स्टॉक रजिस्टर का सत्यापन करने के नाम पर अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप है।
एसीबी चौकी बारां को 4 मई को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया कि संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा खाद-बीज विक्रेताओं को परेशान कर रहा है और स्टॉक रजिस्टर वेरिफाई करने के बदले प्रति व्यक्ति 5,000 रुपये की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी लगातार दबाव बनाकर अवैध वसूली कर रहा है।
शिकायत के आधार पर 5 मई को एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने परिवादियों से रिश्वत की मांग की थी और उनसे 2,000 रुपये एडवांस के रूप में प्राप्त कर लिए थे, जबकि शेष राशि के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
इसके बाद आज एसीबी कोटा रेंज के उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू राम वर्मा के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। डीएसपी प्रेमचन्द और उनकी टीम ने सुनियोजित जाल बिछाकर संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा को एक परिवादी से 5,000 रुपये तथा दूसरे से 3,000 रुपये, कुल 8,000 रुपये रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है, जिसने सरकारी तंत्र में व्याप्त अनियमितताओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
