विधायक राधेश्याम बेरवा ने विधानसभा में उठाई खेतों के रास्तों की समस्या
बारां-अटरू विधायक ने नियम 295 के तहत उठाई मांग, किसानों के खेतों तक स्थायी एवं व्यवस्थित रास्तों और ग्रेवल सड़कों के निर्माण की आवश्यकता पर दिया जोर।

बारां। बारां-अटरू विधायक राधेश्याम बेरवा ने राजस्थान विधानसभा में नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से किसानों की एक बेहद महत्वपूर्ण और जमीनी समस्या—खेतों तक पहुंचने के रास्तों की कमी—को मजबूती के साथ सदन में उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहां अधिकांश लोग अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं और बड़ी संख्या में छोटे व सीमांत किसान निवास करते हैं।
किसानों की बुनियादी समस्याओं पर विशेष उल्लेख
विधायक बेरवा ने सदन को बताया कि क्षेत्र के अनेक गांवों में किसानों को अपने ही खेतों तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ते उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में किसानों को खेतों तक जाने, कृषि कार्य करने और खेती से जुड़ी गतिविधियों को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि "जब फसल तैयार हो जाती है, तब उसे खेत से घर या कृषि मंडी तक पहुंचाने में किसानों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे कई बार फसल के खराब होने या नुकसान होने की स्थिति बन जाती है।"
सामाजिक समरसता और विवादों का समाधान
उन्होंने यह भी बताया कि खेतों तक जाने के रास्तों की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बार किसानों के बीच आपसी विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अनावश्यक तनाव और विवाद का माहौल बनता है, जो सामाजिक समरसता के लिए भी ठीक नहीं है। विधायक राधेश्याम बेरवा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि "किसानों की इस गंभीर समस्या पर संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक निर्णय लिया जाए और किसानों को उनके खेतों तक पहुंचने के लिए स्थायी एवं व्यवस्थित रास्तों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।"
ग्रेवल एवं पक्की सड़कों के निर्माण की मांग
विधायक ने सुझाव दिया कि जहां संभव हो, इन मार्गों को ग्रेवल या पक्की सड़कों से जोड़ने की योजना बनाई जाए, ताकि किसान आसानी से अपने खेतों तक पहुंच सकें और कृषि उपज को सुरक्षित रूप से मंडियों तक पहुंचा सकें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि "यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है तो न केवल किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि कृषि कार्य भी अधिक सुगम होगा, ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवाद कम होंगे और गांवों में समन्वय, शांति और विकास का वातावरण और अधिक मजबूत होगा।"

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
