बारां-मांगरोल स्टेट हाईवे की अत्यंत जर्जर स्थिति, निर्माण कार्य में बरती जा रही कछुआ चाल और इसके चलते आमजन को हो रही भारी परेशानियों को लेकर अंता विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन ‘भाया’ ने राज्य सरकार के विरुद्ध कड़ा रुख अख्तियार किया है। विधायक भाया ने राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दीया कुमारी को एक बेहद तल्ख पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण कार्य को अविलंब गति प्रदान कर गड्ढों को नहीं भरवाया गया, तो जनता के उग्र आक्रोश को सड़कों पर उतरने से कोई नहीं रोक पाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की होगी।

विधायक भाया ने पत्र के माध्यम से सरकार को याद दिलाया कि कांग्रेस शासन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2021-22 के बजट में इस महत्वपूर्ण सड़क के लिए 125 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की थी। इसके बावजूद, वर्तमान भाजपा सरकार के ढाई वर्ष से अधिक का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी धरातल पर निर्माण कार्य प्रभावी रूप से गति नहीं पकड़ सका है। उन्होंने कहा कि बारां-मांगरोल सड़क जिले की मुख्य जीवनरेखा है, जिस पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। वर्तमान में स्थिति यह है कि मात्र 28 किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और जनता त्रस्त है। विधायक ने गंभीर आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनता की इस पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है।

अपने पत्र में विधायक भाया ने हाल ही में बारां शहर में घटित उस हृदयविदारक हादसे का भी उल्लेख किया, जिसमें सड़क के गड्ढे के कारण एक स्कूटी असंतुलित होकर पलट गई थी और एक मां के सामने ही उसके दो मासूम बच्चों की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई थी। इस कारुणिक घटना का हवाला देते हुए उन्होंने तीखा सवाल पूछा कि क्या सरकार अब बारां-मांगरोल सड़क पर भी किसी ऐसी ही बड़ी और भयावह दुर्घटना की प्रतीक्षा कर रही है? उन्होंने क्षोभ व्यक्त किया कि प्रदेश में सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है, किंतु सरकार सदैव किसी बड़े हादसे के बाद ही अपनी नींद से जागती है।

विधायक ने जानकारी दी कि विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने और मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने के पश्चात अप्रैल 2026 में केवल औपचारिक रूप से कार्य प्रारंभ किया गया था, लेकिन वर्तमान में कार्य की गति अत्यंत धीमी है। मुख्य सड़क का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है और केवल बायपास पर ही नाममात्र का कार्य किया जा रहा है। भाया ने अंत में दोटूक शब्दों में सचेत किया कि यदि शीघ्र ही प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे स्वयं आमजन के साथ सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन का बिगुल फूंकेंगे। इस संदर्भ में उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी प्रेषित कर मामले की गंभीरता से अवगत कराया है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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