विधायक प्रमोद जैन भाया ने अन्ता अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
बारां के अन्ता उप जिला चिकित्सालय में व्याप्त स्टाफ की कमी, अवैध वसूली और ठप जांच सेवाओं को लेकर विधायक ने जिला कलक्टर को पत्र लिखकर सुधार की मांग की है।

बारां जिले के अन्ता स्थित उप जिला चिकित्सालय में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं और चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर क्षेत्रीय विधायक प्रमोद जैन भाया ने कड़ा रुख अपनाया है। विधायक भाया ने जिला कलक्टर, बारां को एक पत्र लिखकर चिकित्सालय की दयनीय स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की है। विधायक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में चिकित्सालय की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है, जिसके कारण क्षेत्र के हजारों नागरिक अपनी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
विधायक प्रमोद जैन भाया ने मानव संसाधनों के अभाव को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए बताया कि अस्पताल के लगभग 15 से 17 चिकित्सकीय एवं सहायक कर्मचारियों को अन्य स्थानों पर प्रतिनियक्ति पर लगा दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 14 नर्सिंग कर्मी कोटा एवं बारां में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि एक चिकित्सक को भी मूल पदस्थापन से हटाकर अन्यत्र लगाया गया है। इस अनुचित प्रतिनियुक्तिकरण के कारण स्थानीय अस्पताल में स्टाफ का भारी संकट खड़ा हो गया है। जांच सुविधाओं पर प्रहार करते हुए भाया ने उल्लेख किया कि अस्पताल में सोनोग्राफी जांच नियमित रूप से ठप है और एक्स-रे मशीन फिल्म की उपलब्धता न होने के कारण बंद पड़ी है, जिससे गरीब मरीजों को निजी केंद्रों पर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, अधिकांश चिकित्सक मुख्यालय पर निवास करने के बजाय कोटा से आवागमन (अप-डाउन) करते हैं, जिससे आपातकालीन समय में मरीजों को समय पर उपचार मिलना असंभव हो जाता है।
भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढिलाई के गंभीर आरोप लगाते हुए विधायक ने पत्र में उल्लेख किया कि लेबर रूम में प्रत्येक डिलीवरी पर 1000 से 1200 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है, जो कि अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सा प्रभारी पर प्रभावी मॉनिटरिंग और प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव का भी आरोप लगाया। विधायक भाया ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रतिनियुक्ति पर गए समस्त स्टाफ को तत्काल वापस अन्ता बुलाया जाए, चिकित्सकों की मुख्यालय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की जाए, और बंद पड़ी सोनोग्राफी व एक्स-रे सेवाओं को तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने अवैध वसूली के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की भी मांग की है। अंत में विधायक ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता में पनप रहा असंतोष उग्र रूप ले सकता है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
