प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार के कड़े निर्देशों के बाद अब बारां जिले के किसानों के लिए फार्मर आईडी का सृजन अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, यदि किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाते हैं, तो उन्हें इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से पूरी तरह वंचित होना पड़ सकता है। अपनी आईडी बनवाने के लिए लाभार्थियों को निकटतम पटवारी कार्यालय, सीएससी या ई-मित्र केंद्र पर अनिवार्य रूप से संपर्क करना होगा।

योजना के दिशा-निर्देशों में किए गए नए बदलावों के अनुसार, अब परिवार के केवल एक ही सदस्य को इस योजना का लाभ प्राप्त हो सकेगा। इस नियम का अर्थ है कि पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चों में से मात्र एक सदस्य ही पात्रता की श्रेणी में आएगा। नए पंजीकरण के इच्छुक किसानों के लिए स्व-पात्रता संबंधी घोषणा पत्र को पटवारी और तहसीलदार से सत्यापित करवाना आवश्यक है। सत्यापन के पश्चात, रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद, मूल दस्तावेजों को सात दिनों के भीतर संबंधित तहसील कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य है।

जिले में लंबित कार्यों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लाभार्थियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बारां जिले में वर्तमान में 10,666 लाभार्थियों की ई-केवाईसी और 4,706 लाभार्थियों की बैंक आधार सीडिंग लंबित है। इसके अतिरिक्त, पोर्टल पर 15,223 लाभार्थियों को 'सस्पेक्टेड मार्क' किया गया है, जबकि 5,174 लाभार्थियों का पंजीकरण 'इनएक्टिव' कर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया है। जिन किसानों का भूमि सत्यापन, ई-केवाईसी और बैंक आधार सीडिंग शेष है, वे आगामी किस्त जारी होने से पहले अपने हल्का पटवारी से संपर्क कर इन कार्यों को पूर्ण करवा लें। साथ ही, किसान अपनी बैंक शाखा में जाकर आधार को बैंक खाते से लिंक करवाएं और डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिशियरी ट्रांसफर) को इनेबल करवाना सुनिश्चित करें। सभी लाभार्थी योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाकर 'नो योर स्टेटस' विकल्प के माध्यम से अपनी पेंडेंसी की स्थिति की जांच कर सकते हैं। इन नियमों का पालन न करने पर किसानों की आगामी किस्त अटक सकती है, अतः सत्यापन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करना अनिवार्य है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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