अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने विधानसभा में उठाया परवन परियोजना का मुद्दा
विधायक ने पाइप गुणवत्ता में गड़बड़ी और कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए ठेकेदार से वसूली और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान अंता विधायक प्रमोद जैन भाया परवन वृहद सिंचाई परियोजना के कार्यों में देरी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर चर्चा करते हुए।
राजेंद्र शर्मा, बारां। अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में बहस के दौरान बारां-झालावाड़ और कोटा जिलों के 1405 गांवों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली परवन बृहद सिंचाई परियोजना का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत तथा जिसका शिलान्यास कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किया गया था, इस महत्वपूर्ण परवन परियोजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कर सिंचाई एवं पेयजल हेतु पानी उपलब्ध करवाने की मांग सरकार से की।
परियोजना में विलंब और पाइप गुणवत्ता पर गंभीर आरोप
विधायक भाया ने जल संसाधन मंत्री से चर्चा करते हुए कहा कि "परवन परियोजना में अत्यधिक विलंब के कारण लागत में भारी बढ़ोतरी हो चुकी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि "एचडीपीई पाइपों में रॉ मटेरियल पीई-80 से बदलकर पीई-100 कर दिए जाने से पाइप की मोटाई कम हो गई है, जिससे लीकेज की आशंका बढ़ गई है और ठेकेदार को करोड़ों रुपये का लाभ पहुंचा है। इसका खामियाजा जीवन भर क्षेत्र के किसानों और आमजन को भुगतना पड़ेगा।"
पेनल्टी वसूली और अधिकारियों की जवाबदेही पर प्रश्न
भाया ने प्रश्न उठाया कि "तय समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने पर ठेकेदार से पेनल्टी राशि क्यों नहीं वसूली गई और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।" उन्होंने कहा कि "जारी कार्यादेश के अनुसार डेम, बांयी व दांयी मुख्य नहर, पाइपलाइन और डिग्गियों का कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक है।"
जमीनी हकीकत और कार्य की धीमी प्रगति
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि "मौके पर नहरों का लगभग 50 प्रतिशत, पाइपलाइन का 85 प्रतिशत तथा डिग्गियों का केवल 15-20 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। इस देरी से किसानों को सिंचाई का पानी तथा आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।" विधायक भाया ने स्पष्ट कहा कि "विकास कार्यों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और सरकार को प्राथमिकता के आधार पर परियोजना के कार्य पूर्ण करवाकर क्षेत्र की जनता को राहत देनी चाहिए। साथ ही ठेकेदार से करोड़ों रुपये की वसूली तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।"
सरकार का आश्वासन और भविष्य की कार्रवाई
इस पर जल संसाधन मंत्री ने प्रकरण की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने तथा परवन परियोजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
