परवन सिंचाई परियोजना पर किसानों का सत्याग्रह तेज, 30 सितंबर से निर्माण शुरू करने की मांग
बारां में नहरी किसान संघर्ष समिति ने परवन सिंचाई परियोजना का निर्माण 30 सितंबर से शुरू करने और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट की मांग की।

तस्वीर में बारां में एडीएम को मांग पत्र सौंपते हुए नहरी किसान संघर्ष समिति के प्रतिनिधि नजर आ रहे हैं.
बारां में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर नहरी किसान संघर्ष समिति ने परवन वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण को लेकर सत्याग्रह तेज करते हुए गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मांग पत्र सौंपा। समिति ने परियोजना का निर्माण 30 सितंबर से शुरू करने और इसकी प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक सप्ताह जारी करने की मांग की।
नहरी किसान संघर्ष समिति के सलाहकार गिरिराज नागर बोहरा, संयोजक हंसराज मीणा और पवन यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को मांग पत्र सौंपा। समिति ने कोटा-बारां-झालावाड क्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जा रही परवन वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण की धीमी गति पर किसानों में बढ़ रहे असंतोष से प्रशासन को अवगत कराया।
समिति के अध्यक्ष पवन यादव ने कहा कि सिंचाई की समस्या से लड़ते-लड़ते किसान हार चुका है। उन्होंने कहा कि हारे हुए किसान परिवार किसी भी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं। कानून व्यवस्था की दृष्टि से किसान 25 वर्षों से सत्याग्रह करते आ रहे हैं। अब सरकार को जीवनदायिनी परवन वृहद सिंचाई परियोजना का पानी सिंचाई के लिए मिलने की तारीख तय करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि डेम में पानी बढ़ चुका है और अब नहरों का काम होना बाकी है। ऐसे में इस वर्ष सभी स्तरों पर निर्माण कार्य चलना चाहिए। पंप हाउस, नहर का पक्काकरण या पाइप लाइन के काम पर प्रशासन को नजर रखनी चाहिए। यदि किसी भी एक सप्ताह में काम कम होता है तो प्रशासन संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर परियोजना की प्रगति सुनिश्चित करे।
परियोजना के निर्माण की कछुआ चाल को देखते हुए पंचायत चुनाव में ‘बहिष्कार, नहर नहीं तो वोट नहीं’ के संदर्भ में किसानों का दबाव संगठन पर बन रहा है। समिति ने क्षेत्र में फैल रहे असंतोष की जानकारी प्रशासन को देते हुए परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की।
नहरी किसान संघर्ष समिति ने खाद, बीज और फर्टिलाइजर की उपलब्धता को लेकर भी मांग रखी। समिति ने कहा कि किसानों द्वारा बुक कराया गया खाद पांच किलोमीटर के दायरे में ही उपलब्ध कराया जाए। सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों और दी बारन मार्केटिंग सोसायटी के गोदाम भी हमेशा फूल रहने चाहिए, ताकि किसान सही समय पर बीज बुवाई और पिलाई का काम कर सकें।
मांग पत्र सौंपने वाले शिष्टमंडल में ऋषभ नागर, हेमराज नागर, योगेश बराना, हंसराज मीणा, गिरिराज नागर सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। समिति ने परवन वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण की नियमित साप्ताहिक निगरानी और समयबद्ध प्रगति की मांग दोहराई।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
