परवन पेयजल परियोजना में देरी पर प्रमोद जैन भाया ने भाजपा को घेरा
पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने भाजपा सरकार पर राजनैतिक द्वेष के कारण परियोजना को ढाई साल लटकाने और निविदाएं दोबारा जारी कर लागत बढ़ाने का आरोप लगाया।

बारां। प्रदेश की भाजपा सरकार के शासन में परवन बांध पर बनने वाली पेयजल योजनाओं का मुख्यमंत्री द्वारा किया गया शिलान्यास जनता के साथ धोखा है, अंता विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि इसकी क्रियान्वित्ती में जानबूझकर ढाई साल का विलंब कर दिया गया है।
डीपीआर और स्वीकृति कांग्रेस शासन की देन
अन्ता विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि परवन पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास भाजपा सरकार आज कर रही है, उसकी डीपीआर बनाने का कार्य कांग्रेस शासन के दौरान पूर्व में ही किया जा चुका था। इस परियोजना अन्तर्गत बारां जिलें के 905 गांव व 3 बड़े कस्बों सहित झालावाड एवं कोटा जिले के 1405 गांवों में घर-घर पेयजल उपलब्ध करवाए जाने के लिए पेयजल टंकियों का निर्माण, घर-घर तक पानी पहुंचाए जाने के लिए पेयजल पाईप लाईन बिछाने का प्रावधान किया गया था। कांग्रेस शासन के दौरान ही इसकी लगभग 3500 करोड़ रूपए की प्रशासनिक, वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति जारी हुई तथा इसके टेण्डर भी लगा दिए गए थे, परन्तु जैसे ही प्रदेश में भाजपा सरकार काबिज हुई उसकेे बाद राजनैतिक द्वेषता से इस परियोजना के निर्माण में जान-बूझ कर देरी की गई तथा ढाई साल तक इस परियोजना को लटकाए रखा।
टेण्डर प्रक्रिया और समय की बर्बादी
"जिन कार्यो के टेण्डर कांग्रेस सरकार के समय हो गए थे उन कार्यो को अपने हिसाब से ठेके पर देने के लिए फिर से टेण्डर दिए गए और ढाई वर्ष का अनावश्यक समय भाजपा सरकार द्वारा बर्बाद कर दिया गया।" भाया ने कहा कि बारां, झालावाड़ एवं कोटा जिले के कुल 1405 गांवों व कस्बों की परवन पेयजल परियोजना जिसे जीवनदायिनी परियोजना कहा जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासन को ढाई साल गुजर चुके है, लेकिन अभी तक जमीनस्तर पर पेयजल का कोई काम नही कर पायी है।
बदले की राजनीति का खामियाजा भुगत रही जनता
यदि भाजपा द्वारा बदले की राजनीति नही की जाती और जनता को शुद्व पेयजल उपलब्ध करवाए जाने की नियत होती तो आज तक घर-घर पीने का पानी पहुंच गया होता, लेकिन इस परियोजना को भाजपा सरकार द्वारा जान-बूझ कर ढाई साल लंबित रखा, जिसका खामियाजा बारां, झालावाड एवं कोटा की जनता को भुगतना पड रहा है। भाया ने कहा कि भाजपा सरकार को जितनी भी राजनीति करनी हो करें, लेकिन कम से कम विकास के कार्यो में राजनीति ना ही करे तो अच्छा है बल्कि पीने के पानी को तो कम से कम राजनीति से बख्श दे।
लागत में वृद्धि और विकास कार्यों में बाधा
भाजपा द्वारा पेयजल परियोजना सहित कई अन्य जनकल्याणकारी परियोजनाओं में जान-बूझ कर विलम्ब किए जाने को जनता देख रही हैै। "अगर यह विलम्ब नही किया जाता तो आज ना तो परवन पेयजल परियोजना की लागत में भारी राशि का इजाफा होता और ना ही जनता को उसके हक के पानी से वंचित होना पडता।"

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
