पानाचंद मेघवाल ने राजस्थान बजट को बताया आंकड़ों का मायाजाल
पूर्व विधायक ने बजट 2026-27 को जनविरोधी बताते हुए कहा कि पुरानी घोषणाएं धरातल पर नहीं उतरीं और बारां जिले की विकास संबंधी उपेक्षा की गई है।

बारां में राजस्थान सरकार के बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल, जिन्होंने निवेश और किसान कल्याण के दावों पर सवाल उठाए।
पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने राजस्थान सरकार के बजट 2026-2027 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आंकड़ों का मायाजाल बताया है।
बजट घोषणाओं पर उठाए सवाल
- "पिछली बजट घोषणाओं में से आधी से अधिक घोषणाओं पर कार्य ही आरम्भ नहीं हुआ, प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक बार फिर से बजट में घोषणाओं का अम्बार लगाकर जनता को गुमराह किया है।"
- बजट में बारां को जनाकांक्षा के अनुरूप विकास की सौगात नहीं मिली, जिले में 4 में से तीन विधायक भाजपा के होने के बावजूद भी बारां जिले के समुचित विकास हेतु आशा के अनुरूप निर्णय नहीं लिये गए।
किसान और आम आदमी की अनदेखी
पानाचंद मेघवाल ने कहा कि बजट में किसानों ओर आम आदमी के लिए कुछ खास नहीं है। "बारां की जनता को इस बजट से मायूसी हाथ लगी। सरकार राइजिंग राजस्थान के तहत भारी भरकम निवेश और उद्योग लगानें की बात कहती है लेकिन अभी तक एक भी एमओयू धरातल पर नही उतरा।"
बढ़ती महंगाई और निवेश का मुद्दा
किसानों, आमआदमी के लिए इस बजट मेें कुछ भी नही है। बढती मंहगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बजट मे कोई प्रयास नही किये है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
