बारां। महिला एवं बालिका सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इनरव्हील क्लब बारां ने एक भव्य और उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। क्लब अध्यक्ष नीतू गुप्ता के नेतृत्व में यह पहल इंटरनेशनल इनरव्हील के “ऑरेंज द वर्ल्ड” अभियान के तहत सभी डिस्ट्रिक्ट और क्लबों को निर्देशित थी। चार्टर प्रेसिडेंट ललिता टोंगया ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट बिंदु गुप्ता के मार्गदर्शन में बारां इनरव्हील क्लब ने इस प्रोजेक्ट को प्रभावशाली ढंग से संचालित किया। सचिव सीमा सिंह ने कहा कि ओस टीचर ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम महिला और बालिका सशक्तिकरण, सुरक्षा और जागरूकता के दृष्टिकोण से प्रेरक रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत और अतिथियों के अभिनंदन के साथ हुई। कॉलेज विद्यार्थियों और इनरव्हील सदस्यों की सहभागिता ने माहौल को जीवंत और ऊर्जा से भरपूर बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत दो लघु नाटिकाएँ थीं, जिन्होंने समाज में महिलाओं को पेश आने वाली वास्तविक चुनौतियों को संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ दर्शाया। पहली नाटिका “खामोशी का बोझ” में सड़क पर छेड़छाड़, अनचाहे स्पर्श और युवाओं की मनमानी से जूझती छात्राओं की मानसिक पीड़ा को सामने रखा गया। दूसरी नाटिका “दीवारों के पार” ने घरेलू हिंसा के मौन दर्द और इसके मानसिक और सामाजिक प्रभावों को उजागर किया, संदेश देते हुए कि चुप्पी समाधान नहीं है; आवाज उठाना सुरक्षा और स्वाभिमान की पहली सीढ़ी है।

महिला सुरक्षा को व्यावहारिक रूप देने हेतु कार्यक्रम में उपस्थित महिला पुलिस कर्मी तनवीर खान ने छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, त्वरित निर्णय और कुछ सरल तकनीकें किसी भी महिला को स्वयं की सुरक्षा के प्रति सशक्त बना सकती हैं। छात्राओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पूरी प्रक्रिया में क्लब की सदस्य त्रिशला जैन और चारु गुप्ता का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।

कार्यक्रम के समापन में कॉलेज विद्यार्थियों और इनरव्हील सदस्यों द्वारा ऑरेंज थीम रैली निकाली गई, जिसमें “नारी सुरक्षा, राष्ट्र की शक्ति”, “सम्मान दो, सुरक्षा दो” और “खामोशी नहीं, हक की बात” जैसे नारों से पूरे परिसर और मुख्य मार्गों में जागरूकता का संदेश फैलाया गया। नारंगी रंग का प्रतीकात्मक प्रयोग हिंसा के खिलाफ संघर्ष और आशा के उजाले का संदेश देता रहा।

अंत में क्लब अध्यक्ष नीतू गुप्ता ने सभी उपस्थितजन, कॉलेज स्टाफ, पुलिस विभाग और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि महिला सुरक्षा केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। चार्टर प्रेसिडेंट ललिता टोंगया ने महिलाओं को जागरूकता, आत्मसम्मान और आत्मरक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया और कहा कि नारी का आत्मविश्वास ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। इस कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षित नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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