एनटीपीसी अंता में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस, रोपे गए पौधे
एनटीपीसी अंता ने पर्यावरण दिवस पर वृहद् पौधरोपण अभियान चलाया और आवासीय परिसर में ग्रीन वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट का शुभारंभ भी किया।

एनटीपीसी अंता में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित पौधरोपण अभियान में परियोजना प्रमुख अनिल बवेजा, वरिष्ठ अधिकारीगण और बालिका सशक्तिकरण अभियान की प्रतिभागी छात्राएं।
विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के बीच बढ़ती दूरियों से वैश्विक तापमान में हो रही चिंताजनक वृद्धि के बीच एनटीपीसी अंता ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया है। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 05 जून, 2026 को एनटीपीसी अंता आवासीय परिसर में गरिमामयी उपस्थिति के बीच 'विश्व पर्यावरण दिवस' अत्यंत उत्साह और संकल्प के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर परिसर को हरा-भरा बनाने और पारिस्थितिक तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक वृहद् वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया, जिसने औद्योगिक विकास के साथ प्रकृति के सह-अस्तित्व की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित कर दिया।
इस महा-अभियान की औपचारिक शुरूआत एनटीपीसी अंता के परियोजना प्रमुख अनिल बवेजा द्वारा आवासीय परिसर में पौधा रोपकर की गई। वृक्षारोपण के इस पुनीत कार्य से पूर्व कार्यक्रम में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आधिकारिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। परियोजना प्रमुख श्री बवेजा द्वारा मौके पर उपस्थित एनटीपीसी अंता के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (केऔसुब) के सहायक कमाण्डेंट, बल सदस्यों तथा अन्य संबंद्ध अधिकारियों व कर्मचारियों को विश्व पर्यावरण दिवस की सामूहिक शपथ दिलाई गई। इस आधिकारिक संकल्प के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय ने प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संवर्धन के प्रति अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी को स्वीकार किया, जिसके तुरंत बाद पूरे परिसर में उत्साहपूर्वक पौधरोपण शुरू हुआ।
अभियान के दौरान उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए परियोजना प्रमुख अनिल बवेजा ने गिरते पर्यावरण ग्राफ पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसके प्रभाव व निवारण पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के मूल केंद्र में जल, जमींन एवं जंगल के साथ-साथ पेड़ों का संरक्षण भी बेहद जरूरी है, लेकिन आधुनिक विकास के इस तीव्र दौर में कहीं न कहीं मानव और प्रकृति के बीच में दूरी काफी बढ़ गई है। इसी का प्रत्यक्ष और घातक परिणाम है कि आज एम्बियंट टेम्परेचर (परिवेशीय तापमान) में काफी वृद्धि दर्ज की जा रही है। श्री बवेजा ने आह्वान किया कि हम सभी का यह परम ध्येय होना चाहिए कि हम अपने आवासीय परिसर को अपने छोटे-छोटे प्रयासों से बेहत्तर कर सकें, ताकि हमारा यह छोटा सा प्रयास आगे चलकर देश और विश्व के पर्यावरण को संरक्षित करने में अपना बहुमूल्य योगदान दे सके। उन्होंने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए उपस्थित जनों से भावुक अपील की कि हमें इन निरंतर और छोटे-छोटे प्रयासों से धरती की बेहतरी के लिए अनवरत काम करना होगा।
पर्यावरण संरक्षण के इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए एनटीपीसी अंता के सिविल विभाग द्वारा एक अत्यंत अनुकरणीय और दूरदर्शी पहल की गई, जिसके अंतर्गत परिसर में एक आधुनिक 'हरित अपशिष्ट पुनर्चक्रण संयंत्र' (ग्रीन वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट) का शुभारम्भ किया गया। इस संयंत्र का उद्घाटन परियोजना प्रमुख श्री अनिल बवेजा के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। आधिकारिक रूप से शुरू किए गए इस संयंत्र की मुख्य विशेषता यह है कि इसके माध्यम से भविष्य में पूरे आवासीय परिसर में पेड़ों की छंटाई के दौरान उत्पन्न होने वाले तमाम जैविक अपशिष्ट और कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से प्रसंस्कृत करके उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में तैयार किया जायेगा, जो शून्य-अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस वैश्विक आयोजन की सार्थकता और इसकी गहराई तब और बढ़ गई जब एनटीपीसी अंता में वर्तमान में संचालित 'बालिका सशक्तिकरण अभियान- 2026' की संभागियों ने भी इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इस अभियान के तहत प्रशिक्षण ले रही बालिकाओं द्वारा भी परिसर में पूरे उत्साह के साथ वृक्षारोपण किया गया, जो भावी पीढ़ी के पर्यावरण के प्रति जुड़ाव और महिला सशक्तिकरण के अनूठे संगम को दर्शाता है। इस पूरे गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मंच और फील्ड में अनेक शीर्ष अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसमें अपर महाप्रबन्धक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) श्री विपिन देशमुख, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 बृजेश जैन, अपर महाप्रबन्धक (मानव संसाधन) डी.एस. कुहाड़, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सहायक कमाण्डेंट राधेश्याम मीणा तथा प्रेरणा महिला मण्डल की अध्यक्षा श्रीमती मनीषा बवेजा प्रमुख रूप से शामिल रहीं। इनके साथ-साथ एनटीपीसी के अन्य पदाधिकारी, विभिन्न संबंधित अभिकरणों के अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पर्यावरण यज्ञ में अपनी आहुति देकर धरती को सुरक्षित बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
