राजस्थान के नदबई में 25 मार्च को घटित हुई हृदयविदारक घटना, जिसमें अज्ञात हमलावरों द्वारा पंजाबी समाज के मेहनती एवं होनहार युवक योगेन्द्र चैपड़ा की निर्मम हत्या कर दी गई थी, ने संपूर्ण समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य हत्याकांड की पंजाबी खत्री सभा ने कड़े शब्दों में आलोचना की है। इसी क्रम में पंजाबी खत्री सभा की महिला प्रदेशाध्यक्ष सोनिया अदलक्खा ने विशेष रूप से नदबई पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना प्रदान की। श्रीमती अदलक्खा ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि योगेन्द्र चैपड़ा की न केवल बेरहमी से हत्या की गई, बल्कि उनके साथ लूटपाट कर उन्हें गोली भी मारी गई।

इस लोमहर्षक हत्याकांड के कारण मृतक का पूरा परिवार बिखर गया है और उनकी धर्मपत्नी शालू अरोड़ा सहित दो मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। सोनिया अदलक्खा ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और सरकार का यह नैतिक उत्तरदायित्व है कि वे पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता सुनिश्चित करें। उन्होंने कड़े स्वर में कहा कि यदि पीड़ित परिवार को उचित न्याय नहीं मिला, तो समाज उग्र आंदोलन का मार्ग अपनाने के लिए विवश होगा। प्रदेशाध्यक्ष ने मृतक की पत्नी शालू चैपड़ा, भाई रूपेश चैपड़ा और गजेन्द्र मेंहदीरत्ता सहित अन्य परिजनों को ढांढस बंधाते हुए यह विश्वास दिलाया कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति न्याय प्राप्ति के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। इस अवसर पर सर्व समाज के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि 15 अप्रैल को शालू चैपड़ा अपने पति के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने की मांग को लेकर धरने पर बैठने वाली थीं। किंतु सर्वसमाज की यह मंशा थी कि प्रशासन को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि पूर्ण शक्ति और योजना के साथ बाजार बंद करवाकर सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में विशाल धरना दिया जा सके। प्रदेश अध्यक्ष सोनिया अदलक्खा की समझाइश और सर्वसमाज का सम्मान रखते हुए शालू चैपड़ा ने फिलहाल दो दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा में पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो वह स्वयं सर्व समाज की उपस्थिति में विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगी। दूसरी ओर, सर्वसमाज ने भी यह संकल्प दोहराया है कि जब तक योगेन्द्र चैपड़ा के हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनका आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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