मोदी सरकार के 12 वर्ष: विकास, सुशासन और जनकल्याण से रचा जनविश्वास का नया इतिहास
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शासन के 12 गौरवशाली वर्ष पूर्ण किए हैं। अनुच्छेद 370 से लेकर तीन तलाक और आर्थिक सुधारों तक, कैसे इन फैसलों ने भारत की दिशा और दशा बदली? पढ़िए विकास और जनविश्वास की यह विशेष रिपोर्ट।

बारां में एकल अभियान के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकासोन्मुख और ऐतिहासिक करार दिया।
बारां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर एकल अभियान बारां के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल ने देश की विकास यात्रा को एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है। डॉ. मेघवाल ने कहा कि बीते एक दशक से अधिक के समय में सरकार ने विकास, आत्मनिर्भरता और सुशासन के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन 12 वर्षों में लिए गए निर्णयों ने न केवल देश की राजनीति को नई दिशा दी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक ढांचे में भी आमूलचूल परिवर्तन किए हैं।
सरकार के इन 12 वर्षों को मील का पत्थर बताते हुए डॉ. मेघवाल ने प्रमुख निर्णयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर को मुख्यधारा से जोड़ना एक साहसिक कदम था। इसके अतिरिक्त, सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण और महिलाओं के लिए राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने देश में सामाजिक समरसता और समावेशी भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया है।
धार्मिक उत्पीड़न के शिकार पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने के लिए नागरिकता संशोधन कानून का क्रियान्वयन और दशकों पुराने रामजन्मभूमि विवाद का कानूनी समाधान भी इसी कालखंड की बड़ी उपलब्धियां रहीं। आर्थिक मोर्चे पर जीएसटी और नोटबंदी जैसे सुधारों को भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने वाला बताया गया। वहीं, मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु तीन तलाक पर प्रतिबंध जैसे कठोर निर्णयों ने सामाजिक न्याय की नींव को मजबूत किया है। डॉ. मेघवाल के अनुसार, इन योजनाओं और फैसलों ने 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को चरितार्थ किया है, जिससे देश के चारों कोनों में विकास की गति तेज हुई है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
