मायथा भेरुजी महाराज परिसर में सामुदायिक भवन की मांग, श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
बारां के मायथा स्थित भेरुजी महाराज परिसर में सामुदायिक भवन की मांग लंबे समय से उठ रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सामाजिक गतिविधियों और आपदा प्रबंधन के लिए भवन की जरूरत बताई गई है, जहां पहले बिजली गिरने से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है।

तस्वीर में मायथा ग्राम स्थित श्री भेरुजी महाराज मंदिर का परिसर और एक ग्रामीण नजर आ रहे हैं।
बारां। जिले की अटरू तहसील स्थित ग्राम पंचायत भैंसडा के अंतर्गत मायथा ग्राम में भेरुजी महाराज का सुप्रसिद्ध स्थान है, जहां हर वर्ष माघ मास में मेला लगता है। इसके बावजूद यहां सामुदायिक भवन नहीं होने से धर्मार्थियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामवासी सांसद, विधायक सहित सभी जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में कई बार प्रार्थना पत्र देकर सामुदायिक भवन निर्माण की मांग कर चुके हैं।
ग्रामवासी दौलतराम नागर ने बताया कि मायथा भेरुजी महाराज के स्थान पर जिले ही नहीं, बल्कि संभाग के लोग भी पहुंचते हैं। ऐसे में यहां सामुदायिक विकास भवन की तत्काल आवश्यकता है, ताकि क्षेत्र के सर्वांगीण सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के नागरिकों तथा धार्मिक श्रद्धालुओं द्वारा सामाजिक गतिविधियों के आयोजन के लिए एक समर्पित स्थान की कमी महसूस की जा रही है।
दौलतराम नागर ने बताया कि सामुदायिक भवन बनने से सामाजिक बैठकें, उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे, जिससे सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा। इसके अलावा यह महिला सशक्तिकरण के लिए भी उपयोगी साबित होगा। सामुदायिक भवन में महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह की बैठकें और स्वरोजगार प्रशिक्षण आयोजित किए जा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी सामुदायिक भवन कारगर साबित होगा। आपातकालीन स्थिति में, चाहे वर्षा हो, सर्दी हो या गर्मी, यह एक सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। वर्तमान में यहां वर्ष भर रसोईया और भंडारे आदि का आयोजन खुले आसमान के नीचे किया जाता है। यहां पूर्व में भी भंडारे के आयोजन के समय आसमानी बिजली गिरने से तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हो चुकी है।
सामुदायिक भवन बनने से युवाओं को भी लाभ मिलेगा। उक्त प्रांगण में युवाओं के लिए खेल प्रतियोगिताओं, कला और रचनात्मक गतिविधियों के आयोजन के लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
दौलत राम नागर सहित सभी ग्रामवासियों ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और दानदाताओं से सामुदायिक विकास भवन निर्माण की महत्वपूर्ण पहल का समर्थन करने और इसके लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया है। ग्रामवासियों का कहना है कि यह निवेश केवल एक इमारत नहीं, बल्कि समुदाय के उज्जवल भविष्य में एक निवेश होगा।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
