गुरु पूर्णिमा पर आदर्श विद्या मंदिर मांगरोल में आचार्य अभिनंदन समारोह, गुरु श्रद्धा पर महेंद्र कौशिक का प्रेरक संदेश
बारां के मांगरोल स्थित आदर्श विद्या मंदिर में श्रीगुरु पूर्णिमा पर आयोजित आचार्य अभिनंदन समारोह में पंडित महेंद्र कौशिक ने गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण को ज्ञान का आधार बताया। कार्यक्रम में राजेंद्र कुमार शर्मा ने गुरु-शिष्य परंपरा पर विचार रखे तथा वृक्षारोपण के साथ समारोह का समापन हुआ।

तस्वीर में मांगरोल के आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित आचार्य अभिनंदन समारोह के दौरान मंच पर संबोधन देते मुख्य अतिथि पंडित महेंद्र कौशिक और अन्य गणमान्य अतिथि नजर आ रहे हैं।
बारां/मांगरोल। विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय, मांगरोल में श्रीगुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आचार्य अभिनंदन समारोह भारतीय संस्कृति की गरिमा, श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और विश्वास को ज्ञान प्राप्ति का आधार बताया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कथावाचक पंडित महेंद्र कौशिक रहे, जबकि अध्यक्षता नगर पालिका मांगरोल के पूर्व चेयरमैन हरिओम गालव ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्या भारती शिक्षा संस्थान बारां के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य शंभू पालीवाल ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ किया गया।
इसके बाद गुरु-शिष्य परंपरा के प्रतीक स्वरूप विद्यालय के समस्त आचार्य एवं दीदियों का अंगवस्त्र, कलम और स्मृति-चिह्न भेंट कर, आरती एवं पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन किया गया। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का तिलक, पुष्प एवं वंदन कर भारतीय संस्कृति की गुरु-भक्ति परंपरा को सजीव रूप प्रदान किया।
मुख्य अतिथि पंडित महेंद्र कौशिक ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और विश्वास ही ज्ञान प्राप्ति का आधार है। उनके अनुसार गुरु ज्ञान, विवेक और जीवन मूल्यों का प्रकाशपुंज है तथा इसी गुरु परंपरा के कारण भारत विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित रहा है।
समारोह के मुख्य वक्ता एवं विद्या भारती शिक्षा संस्थान बारां के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि "गुरु केवल ज्ञान देने वाला शिक्षक नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला पथप्रदर्शक, संस्कारों का संवाहक और राष्ट्र निर्माण का शिल्पी होता है।" उन्होंने कहा कि भारत की गुरु-शिष्य परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन एवं गौरवशाली परंपराओं में से एक है। माता-पिता जीवन देते हैं, जबकि गुरु जीवन को उद्देश्य, दिशा और मूल्य प्रदान करता है। उन्होंने एकलव्य का प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि शिष्य में श्रद्धा और समर्पण हो तो वह मिट्टी की प्रतिमा से भी ज्ञान अर्जित कर सकता है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती भारतीय शिक्षा दर्शन के माध्यम से गुरुकुल परंपरा, संस्कार आधारित शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण की इस महान परंपरा का पुनर्जागरण कर रही है।
समारोह के उपरांत अतिथियों एवं विद्यालय परिवार ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव हरिओम शर्मा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, आचार्यों एवं दीदियों का आभार व्यक्त किया। शांति मंत्र एवं राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
