धर्म और आध्यात्म की नगरी बारां में एक बार फिर भक्ति की अविरल धारा बहने को आतुर है। स्वर्गीय मुरलीधर साबू चैरिटेबल ट्रस्ट और जिले के धर्मप्रेमी बंधुओं के साझा सहयोग से आयोजित होने जा रहे 'सप्तदिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ' को लेकर समूचे क्षेत्र में उत्साह का ज्वार उमड़ रहा है। इस भव्य आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आयोजन समिति दिन-रात जुटी हुई है, ताकि इस आध्यात्मिक उत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाया जा सके। जिले के सांस्कृतिक और धार्मिक पटल पर यह आयोजन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिसकी गूँज न केवल बारां बल्कि संपूर्ण संभाग में सुनाई दे रही है।

आयोजक समिति के प्रमुख सदस्य विष्णु साबू ने आयोजन की गरिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष और विख्यात राष्ट्रसंत गोविंद गिरी जी महाराज का आगमन हो रहा है। महाराज श्री के पदार्पण को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्सुकता है, जिसे देखते हुए उनके भव्य स्वागत-सत्कार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। विष्णु साबू ने जानकारी साझा की कि इस विशाल आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विषयक समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां आवास, भोजन, सुरक्षा और कथा स्थल प्रबंधन जैसे दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।

श्रद्धालुओं की सुगमता को प्राथमिकता देते हुए नगर के दस प्रमुख केंद्रों से विशेष बस सेवा का संचालन किया जाएगा, ताकि शहर के हर कोने से भक्तगण कथा स्थल तक बिना किसी अवरोध के पहुँच सकें और महाराज श्री की अमृतवाणी का रसपान कर सकें। कथा स्थल पर राष्ट्रसंत गोविंद गिरी जी महाराज के लिए एक दिव्य और भव्य व्यासपीठ का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी साज-सज्जा का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। इस व्यासपीठ को पारंपरिक भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक वैभव के अनुरूप सजाया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को दिव्यता का साक्षात अनुभव कराएगी।

आयोजन की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रचार-प्रसार के लिए आधुनिक और पारंपरिक दोनों माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। शहर की कॉलोनियों, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर माइक के जरिए घोषणाएं की जा रही हैं, वहीं पंपलेट, निमंत्रण पत्रों और आकर्षक बैनरों के माध्यम से जन-जन तक इस ज्ञानयज्ञ का संदेश पहुँचाया जा रहा है। आयोजन समिति ने जिले के समस्त नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे इस दुर्लभ और पुनीत अवसर का हिस्सा बनें। यह कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करने का एक पावन अनुष्ठान है, जो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखेगा।

Pratahkal Bureau

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