मदन दिलावर बोले: भील-मीणा के बिना राजस्थान का सम्मान संभव नहीं था
बारां के सीताबाड़ी में शबरी जयंती पर शिक्षा मंत्री ने महाराणा प्रताप के साथ आदिवासी समुदाय के ऐतिहासिक योगदान और सामाजिक एकता पर जोर दिया।

बारां जिले के सीताबाड़ी में आयोजित शबरी माता जयंती समारोह के दौरान समाज को संबोधित करते हुए शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर।
बारां! बारां जिले के केलवाड़ा पंचायत समिति के सीताबाड़ी में शबरी माता विकास समिति द्वारा आयोजित माता शबरी जयंती समारोह में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने संबोधित करते हुए समाज के सभी जाति वर्गों से एकजुट होकर भाई की तरह रहने की अपील की है!
माता शबरी और भगवान राम का स्नेह
दिलावर ने आदिवासी समुदाय के लोगों की संबोधित करते हुए कहा कि - "आज माता शबरी की जयंती है! माता शबरी भगवान राम को अपने पुत्र समान चाहती थी! जब राम उनकी कुटिया में आए तो उन्होंने उन्हें खाने के लिए चख - चख कर खाने के लिए बेर दिये! चखकर बेर इसलिए दिए कि कहीं कोई कड़वा या खट्टा बेर मेरे प्यारे राम को खाने में ना आ जाए! केवल मीठे- मीठे बेर ही राम खाएं!"
भगवान राम ने भी माता शबरी के चखे हुए झूठे बेर बड़े स्वाद से खाये!
जब भगवान राम ने भील समुदाय की माता शबरी से कोई भेद नहीं किया, उनके झूठे बेर खाए, तो हम और आप आपस में भेद करने वाले कौन होते हैं? यदि हम ये भेद करते है तो हम भगवान राम को मानने वाले नही है!
मेवाड़ की रक्षा में आदिवासी समुदाय का योगदान
दिलावर ने कहा की महाराणा प्रताप मेवाड़ की रक्षा के लिए जब मुगलों से युद्ध कर रहे थे, तो अनेक राज महाराज भी उनका साथ छोड़ गए थे! केवल और केवल भील, मीणा, गरासिया समुदाय ने उनका साथ दिया! उनके बाल पर ही वह मेवाड़ की रक्षा कर सके!
यदि उसे समय भील, मीणा, गरासिया, गाड़ियां लोहार साथ नहीं देते तो आज परिदृश्य कुछ और होता? राजस्थान और मेवाड़ का सर गर्व से ऊंचा न होता? हमें हमारे भाइयों भील, मीणा, गरासिया, गाड़ियां लोहार के सहयोग और समर्पण को कभी नहीं भूलना चाहिए!
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस मौके पर निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित थे:
- पूर्व विधायक हेमराज मीणा
- विधायक ललित मीणा
- भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार सहित इत्यादि

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
