बजट 2026: विकसित भारत का संकल्प

राजेंद्र शर्मा, बारां। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट को सर्वव्यापी सर्वस्पर्शी और समावेशी बजट बताते हुए राज्य के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राज्य के जर्जर स्कूल भवनों को चरणबद्ध तरीके से जीर्णोद्धार करवाएंगे। शिक्षा मंत्री ने सोमवार को यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से रूबरू होते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट पर अपना पक्ष रखा।


"ज्ञान" पर आधारित समावेशी बजट

उन्होंने कहा कि यह बजट "ज्ञान" पर आधारित है "ज्ञान" यानी गरीब, किसान, युवा व महिला एवं मध्यमवर्ग तथा उद्यमी के सशक्तिकरण की दिशा को स्पष्ट रूप से बजट में उल्लेखित किया है।

  • केंद्रीय बजट में राजस्थान के लिए टेक्सटाइल और हैंडलूम तथा हथकरघा उद्योगों को लाभप्रद बनाने हेतु कदम उठाए गए हैं।

  • भीलवाड़ा, जयपुर और जोधपुर जैसे केंद्रों को बड़ा फायदा होगा।

  • बजट में एमएसएमई चैंपियंस बनाने का तीन आयामी दृष्टिकोण है।

  • दस हजार करोड़ समर्पित एमएसएमई विकास कोष रखा गया है।

  • टियर-2 एवं टियर-3 कस्बों में कोऑपरेट मित्र तैयार करने की योजना भी बजट में रखी गई है।


शिक्षा और महिला सशक्तिकरण

"राजस्थान के 41 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिसे महिला शिक्षा और सुरक्षा के लिए बड़ा कदम माना गया है।" शिक्षा के क्षेत्र की बात करते हुए दिलावर ने कहा कि वर्तमान समय में निजी से बेहतर सरकारी स्कूल के परिणाम आ रहे हैं, ऐसा इसलिए भी हुआ है कि सरकार के प्रयास सकारात्मक बने हुए हैं।


फाइबर मिशन और औद्योगिक विकास

राष्ट्रीय फाइबर योजना के अंतर्गत प्राकृतिक फाइबर में (ऊन, रेशम, जूट) मानव निर्मित फाइबर और नए युग के फाइबर में आत्मनिर्भरता पर फोकस रखा गया है।

  • राजस्थान में ऊन और प्राकृतिक फाइबर का बड़ा उत्पादन है।

  • महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूत करना।

  • प्रशिक्षण एवं मार्केट लिंकेज और ब्रांडिंग पर प्रावधान।

  • ट्रेडिशनल कलस्टरों का आधुनिकीकरण और कॉमन टेस्टिंग सेंटर के लिए पूंजीगत सहायता।

  • मेगा टेक्सटाइल पार्क चैलेंज मोड में स्थापित होंगे।



कृषि, पशुपालन और जल संरक्षण

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कृषि पशुपालन और ग्रामीण विकास के अंतर्गत:

  • 500 जलाशय एवं अमृत सरोवर का एकीकृत विकास किया जाएगा।

  • पशु चिकित्सा में 20 हजार से अधिक नए विशेषज्ञ तैयार किए जाएंगे।

  • पशु रोग विशेषज्ञ, पशु शल्य महाविद्यालय, अस्पताल, प्रयोगशाला और प्रजनन सुविधाओं के लिए पूंजीगत सब्सिडी।



इंफ्रास्ट्रक्चर और सौर ऊर्जा

"यह बजट विकसित भारत के संकल्प को लेकर आधारित है इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के संदर्भ में 5 लाख से अधिक की आबादी वाले टियर-2/3 शहरों का विकास होगा।" * जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे शहरों में अवसर बढ़ेंगे।

  • तीर्थ एवं पर्यटक स्थलों को लाभान्वित करने की योजना।

  • लिथियम, आयरन सेल और सोलर ग्लास निर्माण पर सीमा शुल्क में छूट।

  • जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर जैसे रेगिस्तानी इलाकों में सौर ऊर्जा से निवेश और रोजगार की संभावनाएं।



मध्यम वर्ग को राहत और सामाजिक सुरक्षा

बजट में तीन कर्तव्यों (रफ्तार- क्षमता- सबका साथ) का लाभ किसान, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, घुमंतू, युवा, गरीब और महिला तक पहुंचेगा।

  • दिव्यांग सहारा योजना, मानसिक स्वास्थ्य, आपातकालीन और ट्रामा केयर सेंटर सम्मिलित हैं।

  • मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर छूट।

  • विदेश यात्रा तथा मेडिकल पर टीसीएस दो प्रतिशत टैक्स में राहत।



अवैध कब्जों पर कार्रवाई और जैविक खेती

उन्होंने शिक्षा विभाग की नजूल संपत्तियों के संदर्भ में चर्चा करते हुए कहा— "इस बाबत जिला कलेक्टर को निर्देशित करते हुए उनकी जानकारियां ली जाएगी तथा जहां-जहां अवैध कब्जे होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" खेती के संदर्भ में उन्होंने कहा कि किसानों को चाहिए कि पेस्टिसाइड और यूरिया खाद को त्यागते हुए जैविक खेती पर अधिक निर्भरता बढ़ाई जाए।

इस अवसर पर मंत्री दिलावर के साथ विधायक राधेश्याम बेरवा एवं जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार, भीमराज चौधरी, निर्मल माथोड़िया, महावीर सिंह हाडा, निरंजन शर्मा, संजय झाम्ब, निखलेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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