बारां में 20 अक्टूबर को लोकमंथन यात्रा के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, लोककला, लोकसंगीत और लोकजीवन का भव्य समागम देखने को मिलेगा। यात्रा के बारां आगमन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। शनिवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में स्वागत कार्यक्रमों, आयोजन स्थलों, प्रचार-प्रसार और विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा तय कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

लोकमंथन यात्रा का आयोजन सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना के जागरण के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस वर्ष लोकमंथन का मुख्य विषय “हम भारत के लोग, लोक चेतना से लोक कल्याण की ओर” रखा गया है। आयोजन के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, लोककला, लोकसंगीत, लोक परंपराओं और शिल्प को व्यापक मंच प्रदान करने के साथ समाज में राष्ट्रभाव एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि चित्तौड़ प्रांत में निकल रही लोकमंथन यात्रा विभिन्न अंचलों की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता को एक सूत्र में पिरोते हुए जन-जन तक राष्ट्रीय एकता, भारतीय संस्कृति और लोक चेतना का संदेश पहुंचाएगी। यात्रा के बारां आगमन पर विभिन्न शैक्षिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से लोकजीवन की विविधताओं को सामने लाया जाएगा।

बारां जिले में लोकमंथन यात्रा का शुभारंभ 20 अक्टूबर को प्रातः 8:30 बजे अन्ता खंड के प्रभात ग्राम रूपपुरा से होगा। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोटा रोड, बारां में यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न संगठनों की ओर से निर्धारित विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) की ओर से शिक्षक संगोष्ठी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से ऐतिहासिक स्थल भ्रमण और अधिवक्ता परिषद की ओर से संविधान परिचर्चा आयोजित की जाएगी। वहीं, संस्कृत भारती एवं विद्या भारती द्वारा बाल मंथन और विद्यालयीन गतिविधियां कराई जाएंगी। विज्ञान भारती की ओर से विज्ञान विषयक प्रदर्शनी तथा संस्कार भारती द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

यात्रा के दौरान राजस्थान की लोक संस्कृति और लोकसंगीत पर आधारित विभिन्न प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बारां के दशहरा मैदान में लोक कलाओं के मंचीय कार्यक्रमों के साथ पारंपरिक ग्रामीण खेलकूद आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से राजस्थान के लोकजीवन, पारंपरिक कलाओं और सांस्कृतिक वैभव की झलक देखने को मिलेगी।

लोकमंथन यात्रा के आयोजन से लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता को मंच प्रदान करने के साथ राष्ट्रीय एकता, भारतीय संस्कृति तथा लोक चेतना का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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