बारां। राजस्थान के बारां जिले में सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण की एक अनुपम इबारत लिखते हुए 'वामा संगठन' के तत्वावधान में एक भव्य और ऊर्जा से लबरेज कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। उत्साह, उमंग और आपसी सौहार्द के त्रिवेणी संगम वाले इस आयोजन ने न केवल महिलाओं की रचनात्मकता को मंच प्रदान किया, बल्कि समाज में एकता का एक सशक्त संदेश भी प्रवाहित किया। कार्यक्रम का आगाज़ नमोकार मंत्र के सामूहिक और श्रद्धापूर्ण पाठ के साथ हुआ, जिसकी पावन ध्वनियों ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।

संगठन की वरिष्ठ पदाधिकारी अनीता सेठी ने कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस संगठन की जड़ें बारां के साथ-साथ अंता, मांगरोल एवं किशनगंज जैन समाज तक फैली हुई हैं, जिससे लगभग 160 महिलाएँ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। इस विशिष्ट आयोजन में करीब 90 महिलाओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। आयोजन के दौरान मनोरंजन और सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ महिलाओं ने नृत्य और विभिन्न खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेष रूप से 'जोड़ी नृत्य' आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें सुलेखा–दिव्या, अनिता सेठी-रानी नोपड़ा, स्वाति बिलाला-नव्या तथा मंजुलता पटौदी एवं राजेश बड़जात्या ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह कोई प्रतिस्पर्धा न होकर विशुद्ध सहभागिता पर आधारित थी, जिससे महिलाओं ने बिना किसी संकोच के अपनी प्रतिभा का आनंद लिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ यह आयोजन सामाजिक जागरूकता का भी गवाह बना। प्रिया जैन और अनिता पोटल्या ने एक अत्यंत प्रभावशाली और सशक्त अभिनय के माध्यम से हृदयघात (हार्ट अटैक) जैसे गंभीर विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने अभिनय के जरिए बताया कि आपात स्थिति में क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए, जिसे उपस्थित जनसमूह ने काफी सराहा। इसके अतिरिक्त, संगठन ने एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक निर्णय लेते हुए संकल्प लिया कि अब से प्रत्येक चतुर्दशी को 'भक्तामर स्तोत्र' का सामूहिक पाठ नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि धार्मिक चेतना और संगठन की एकता को और अधिक मजबूती मिल सके।

कार्यक्रम की सफलता में कुशल प्रबंधन का विशेष योगदान रहा। जहाँ स्वादिष्ट अल्पाहार और भोजन की उत्तम व्यवस्था ने अतिथियों का मन जीता, वहीं शाम को कैंपफायर और संगीत की लहरों पर थिरकते कदमों ने यादों की एक नई पोटली तैयार कर दी। कार्यक्रम का जीवंत संचालन प्रीति पटौदी एवं अनिता सेठी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जबकि अनिता पोटल्या ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग प्रदान किया। पूरे आयोजन की कमान कार्यक्रम प्रभारी सुनीता पटौदी, स्वाति, प्रविता एवं सीमा बड़जात्या के हाथों में थी, जिनके समर्पित प्रयासों ने व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखा। अंत में अनीता सेठी और प्रीति पटौदी ने समस्त सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन निसंदेह बारां की धरा पर महिलाओं की एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का एक ऐतिहासिक अध्याय बनकर उभरा है।

Pratahkal Bureau

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